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चुनावी साल में मोदी सरकार करेगी एक करोड़ युवाओं को नौकरी देने की पहल, एक लाख करोड़ होंगे खर्च

योजना के मुताबिक शिपिंग मिनिस्ट्री ने तटीय राज्यों में कुल 14 नेशनल एम्प्लॉयमेंट जोन स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। इन जोन्स में कुल 35 इंडस्ट्रियल क्लस्टर को शामिल किया गया है।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

अगले साल लोक सभा चुनाव होने हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे ज्यादा नौकरियों के मुद्दे पर विपक्ष के निशाने पर हैं। उन्होंने 2014 के चुनावों में प्रति वर्ष दो करोड़ नौकरियां देने का एलान किया था। लिहाजा, चुनावी साल में मोदी सरकार ने एक करोड़ युवाओं को नौकरी देने की पहल शुरू की है। इस पर एक लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। इकॉनोमिक टाइम्स के मुताबिक सरकार राष्ट्रीय स्तर पर मेगा एम्प्लॉयमेंट जोन बनाने की तैयारी में है जो युवाओं अगले तीन साल में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर एक करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएगा। नौकरी देने का यह सुझाव नीति आयोग की सलाह पर शिपिंग मिनिस्ट्री की तरफ से आया है। चुनावी साल में नरेंद्र मोदी के वादों को पूरा करने की दिशा में इस योजना को देखा जा रहा है।

योजना के मुताबिक शिपिंग मिनिस्ट्री ने तटीय राज्यों में कुल 14 नेशनल एम्प्लॉयमेंट जोन स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। इन जोन्स में कुल 35 इंडस्ट्रियल क्लस्टर को शामिल किया गया है। इनमें फुड, सीमेन्ट, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के अलावा पारंपरिक रूप से श्रम आधारित कपड़ा, चमड़ा और जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर शामिल हैं। यानी नौकरियां इन्हीं सेक्टर में होंगी। योजना के मुताबिक इन जोन्स में आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए करीब एक लाख रुपये खर्च किए जाएंगे जिसे केंद्र और संबंधित राज्य सरकारें वहन करेगी। सभी संबंधित राज्यों में जोन की स्थापना के लिए करीब 2000 एकड़ जमीन की भी जरूरत बताई गई है।

योजना के मुताबिक इन जोन्स में कारोबार करने वाली कंपनियों को सरकार युवाओं को नौकरी देने के बदले राजकोषीय और गैर राजकोषीय प्रोत्साहन राशि (इनशेंटिव) देगी। इसके तहत कैपिटल सब्सिडी, टैक्स छूट या सिंगल विंडो क्लियरेन्स की सुविधा सरकार दे सकती है। योजना के मुताबिक किसी कंपनी को कितनी इनशेंटिव मिलेगी यह कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए गए नंबर ऑफ जॉब पर निर्भर करेगी।

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