ताज़ा खबर
 

सेना में लागू हुआ सातवां वेतन आयोग, जानिए- किसकी सैलरी कितनी बढ़ी?

अभी भी सैनिकों द्वारा सुझाए चार विसंगतियों में से सिर्फ एक विकलांगता भत्ता पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकी है।

Author Updated: May 4, 2017 7:36 PM
इंडियन मिलिट्री अकेडमी में पासिंग आउट परेड की एक तस्वीर। ( Photo Source: Indian Express)

केन्द्र सरकार ने सेना के तीनों अंगों (थल सेना, वायु सेना और नौसेना) में कार्यरत कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के मुताबिक वेतनमान देने का पैसला किया है। नया वेतमान 1 जनवरी 2016 से लागू होगा। जब केन्द्र सरकार ने जून 2016 में सभी सिविलियन कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के मुताबिक 1 जनवरी 2016 से नए वेतनमान लागू करने का फैसला किया था तब सेना के तीनों प्रमुखों ने वेतन आयोग की सिफारिशों पर सैन्य संगठनों द्वारा उठाई गई विसंगतियों को दूर करने तक इसे स्थगित रखने का अनुरोध सरकार से किया था। आपको बता दें कि सैन्य संगठनों ने नॉन फंक्शनल अपग्रेड, मिलिट्री सर्विस पे, कॉमन पे मैट्रिक्स और विकलांगता भत्ता से संबंधित सिफारिशों पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद तीनों सेना प्रमुखों ने इसके समाधान होने तक नया वेतनमान नहीं लागू करने का अनुरोध सरकार से किया था।

हालांकि, अभी भी सैनिकों के चार विसंगतियों में से सिर्फ एक विकलांगता भत्ता पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकी है। बुधवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने स्पष्ट किया कि इनमें से तीन मुद्दों को अभी नहीं सुलझाया जा सका है। जबकि उन्होंने बताया कि सैनिकों को आम नागिरकों की तरह ही प्रतिशत के आधार पर विकलांगता भत्ता और पेंशन दिया जाएगा।

सैनिकों की बड़ी मांग को स्वीकार करते हुए सरकार ने छठे वेतन आयोग के तहत लागू विकलांगता पेंशन की पुरानी व्यवस्था को बनाए रखा है। छठे वेतन आयोग के तहत सैनिकों को विकलांगता के प्रतिशत के आधार पर पेंशन दिया जाता था जबकि सातवें वेतन आयोग (7वें पे-कमीशन) ने अपनी सिफारिश में इस व्यवस्था की जगह स्लैब आधारित व्यवस्था लागू करने को कहा था। इससे पहले तीनों सेना प्रमुखों ने सरकार के सामने ये बात उठाई थी कि सेना को विकलांगता भत्ता और पेंशन प्रतिशत के आधार पर ही दिया जाय। इससे सरकारी खजाने पर करीब 130 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष को बोझ आएगा।

सैन्य संगठन प्रतिशत आधारित विकलांगता पेंशन को ही वापस लौटाने का दबाव बना रहे थे और सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिश वाली स्लैब आधारित व्यवस्था का विरोध कर रहे थे।

जनवरी 2016 से पहले रिटायर हो चुके सैनिकों को भी सरकार ने फायदे के दायरे में लाया है। अब उनका पेंशन नए कैलकुलेशन के आधार पर बनेगा। इससे करीब 5.5 लाख पेंशनभोगी सैन्य कर्मचारियों को भी फायदा होगा। इससे साल 2016-17 में 5031 करोड़ रुपये का बोझ सरकार पर पड़ेगा। यह रकम इस साल यानी 2017-18 में बढ़कर 85,740 करोड़ रुपये हो जाएगी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 सबसे साफ पांच शहरों में तीन भाजपा शास‍ित राज्‍यों के, योगी आद‍ित्‍य नाथ का यूपी सबसे गंदा
2 पठानकोट: सैन्य अड्डे के पास दो संदिग्ध बैग मिलने के बाद इलाके में हाई अलर्ट
3 पहलू खान की मौत के महीने भर बाद मेव मुस्लिम पंचायत ने की गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग