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UPA सरकार के जिस कदम का NDA ने किया था विरोध, अब वही करने जा रही मोदी सरकार

इस बिल का उद्देश्य देश में एक हायर एजुकेशन रेगुलेटर स्थापित करना है, जो कि यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) और ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) की जगह लेगा।

Author नई दिल्ली | Published on: September 20, 2019 10:18 AM
मोदी सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बड़े कदम उठाने की योजना बना रही है। (फाइल फोटो)

मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली UPA सरकार ने विदेशी यूनिवर्सिटीज को भारत में अपने कैंपस स्थापित करने की मंजूरी देने की योजना बनायी थी, लेकिन मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद उस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया। हालांकि अब मोदी सरकार ही ऐसा बिल लेकर आ रही है, जिससे विदेशी यूनिवर्सिटीज इंडिया में अपने ऑपरेशंस चला सकती हैं। इस बिल को ‘हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल’ नाम दिया गया है।

इस बिल का उद्देश्य देश में एक हायर एजुकेशन रेगुलेटर स्थापित करना है, जो कि यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) और ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) की जगह लेगा। खबर है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस कानून का मसौदा बिल मंत्रालयों में विचार विमर्श के लिए भेजा है।

बिल में एक क्लॉज ऐसा है, जो कहता है कि नया हायर एजुकेशन कमीशन ‘उच्च गुणवत्ता और प्रसिद्ध विदेशी यूनिवर्सिटीज’ को भारत में अपना कैंपस स्थापित करने की मंजूरी देता है। गौरतलब है कि जब यूपीए-2 सरकार ने ऐसा ही फॉरेन एजुकेशनल इंस्टीट्यूट बिल लाने की कोशिश की थी, तब भाजपा ने इसका विरोध किया था।

मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान नीति आयोग और वाणिज्य मंत्रालय के साथ मिलकर यूपीए के फॉरेन एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स बिल को पुनर्जीवित करने के कई प्रयास किए। इसकी शुरुआत अप्रैल, 2015 से हुई, जब वाणिज्य मंत्रालय ने एक रणनीतिक पत्र विदेश मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय और नीति आयोग के साथ साझा किया।

इस पत्र में विदेशी मुद्रा पाने और “भारत में शिक्षा” ब्रांड को स्थापित करने के उद्देश्य से भारतीय शिक्षा के अन्तरराष्ट्रीयकरण की बात कही गई थी। यूपीए सरकार के फॉरेन एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन बिल को पुनर्जीवित करना वाणिज्य मंत्रालय के चार एक्शन प्वाइंट में से एक है।

इसके बाद जून, 2015 में पीएम मोदी ने शीर्ष अधिकारियों के साथ मिलकर विदेशी यूनिवर्सिटीज को भारत में अपने कैंपस स्थापित करने के संबंध में चर्चा की। इस बैठक में पीएम ने नीति आयोग से इस मुद्दे पर एक रिपोर्ट तैयार करने को कहा। नीति आयोग ने यह रिपोर्ट जमा कर दी है, जिसमें विदेशी यूनिवर्सिटीज को भारत में कैंपस स्थापित करने की मंजूरी देने की बात कही गई है। भारतीय शिक्षा का अन्तरराष्ट्रीयकरण, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के ‘एजुकेशन क्वालिटी अपग्रेडेशन एंड इंक्लूजन प्रोग्राम’ (EQUIP) का हिस्सा है।

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