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वादे निभाएं या कुर्सी छोड़ें मोदी

विपक्ष की एकता प्रदर्शित करते हुए जनता परिवार में शामिल रही छह पार्टियों ने सोमवार को जंतर मंतर पर एक ‘महाधरना’ में मंच साझा किया और भाजपा की ‘विभाजनकारी राजनीति’ को आड़े हाथ लिया। इन पार्टियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि वे झूठ बोल रहे हैं और काले धन पर अपने चुनावी […]
नई दिल्ली के जंतर मंतर पर सोमवार को ‘महाधरना’ में मंच पर मौजूद पुराने जनता परिवार के नेता। (फोटो: भाषा)

विपक्ष की एकता प्रदर्शित करते हुए जनता परिवार में शामिल रही छह पार्टियों ने सोमवार को जंतर मंतर पर एक ‘महाधरना’ में मंच साझा किया और भाजपा की ‘विभाजनकारी राजनीति’ को आड़े हाथ लिया। इन पार्टियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि वे झूठ बोल रहे हैं और काले धन पर अपने चुनावी वादे पूरे नहीं कर रहे।

समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख मुलायम सिंह यादव, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद और जनता दल (एकी) के नेता नीतीश कुमार ने पुराने पूर्वाग्रहों को भुलाने का आह्वान किया और भाजपा को बाहर का रास्ता दिखाकर भारतीय राजनीति में एक नई गाथा लिखने का वादा किया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता तारिक अनवर और डीपी त्रिपाठी ने भी मंच साझा किया जबकि ममता बनर्जी ने डेरेक ओ’ ब्रायन के जरिए समर्थन की चिट्ठी भेजी। हालांकि, ब्रायन महाधरना स्थल पर नहीं आए।

इन पार्टियों के विलय की दिशा में पहला ठोस कदम माने जा रहे इस महाधरना में जनता दल (सेकु) के नेता व पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के दुष्यंत चौटाला और समाजवादी जनता पार्टी (सजपा) के कमल मोरारका ने भी शिरकत की। नेताओं ने याद दिलाया कि जनता परिवार अतीत में तीन गठबंधन सरकारें बना चुका है। उन्होंने मोदी सरकार को याद दिलाया कि उसे सिर्फ 31 फीसद वोट मिले हैं और यदि उसने वादे पूरे नहीं किए तो उसे वापस जाना होगा।

नीतीश कुमार ने कहा कि अभी तक अलग-अलग पार्टियों के रूप में हमारी पहचान रही है पर अब हमें विलय कर एक पार्टी बनानी है। इस बाबत एक समझौता हुआ है। मुलायम सिंह को रूपरेखा तैयार करनी है। आएं हम प्रण करें। हमें दूसरों से भी संपर्क करना चाहिए। हमें एक विस्तृत विपक्ष बनाना है। हम सब को साथ आना चाहिए। अपने पूर्वाग्रहों को दरकिनार कर हम एक मजबूत विपक्ष चाहते हैं।

कई मुद्दों पर सरकार पर हमला बोलते हुए लालू प्रसाद ने कहा कि ममता बनर्जी को लगातार निशाना बनाने की कोशिशें हो रही हैं। लोग उनके और नीतीश कुमार के बीच मतभेद के बारे में बातें करते थे लेकिन अब हम साथ आ गए हैं। एक हिंदी फिल्म का गाना गुनगुनाते हुए लालू ने कहा कि यह अतीत की हर बात भुलाकर साथ आने का समय है और वे अब एक नया अध्याय लिखेंगे।

काला धन लाने के मुद्दे पर मोदी, तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह और बाबा रामदेव के पिछले भाषणों के ऑडियो क्लिप लोगों को सुनाते हुए नीतीश, लालू, शरद यादव और मुलायम सिंह यादव ने पूछा कि उस वादे का क्या हुआ जिसमें कहा गया था कि काला धन लाने के बाद गरीबों की जेब में 15 लाख रुपए आएंगे।

नीतीश ने कहा कि आपको भाजपा के हर नेता से पूछना चाहिए कि वे आपको पैसे नगद देंगे या चेक के जरिए देंगे। यह बड़े दुर्भाग्य की बात है कि देश का प्रधानमंत्री झूठ बोल रहा है। उन्होंने मोदी से कहा कि आपने जो वादे किए हैं, वे पूरे कीजिए, वर्ना आपको अपनी कुर्सी छोड़कर वापस जाना चाहिए।
सूत्रों ने बताया कि इन पार्टियों के नेताओं के बीच पहले हुई दो बैठकों में नई पार्टी का नाम समाजवादी जनता दल रखने का प्रस्ताव दिया गया था पर न तो नाम पर और न ही पार्टी के झंडे पर अब तक कोई फैसला हुआ है। महाधरना कार्यक्रम में नेताओं ने युवाओं तक अपनी पहुंच कायम करने की कोशिश के तहत उन्हें याद दिलाया कि उनसे किया गया रोजगार का वादा अब भी पूरा नहीं किया गया है।

नीतीश ने कहा कि आज युवा सबसे ज्यादा ठगे हुए महसूस कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में सपा को सत्ता दिलाने का श्रेय युवाओं को देते हुए मुलायम सिंह यादव ने उनसे अनुरोध किया कि वे केंद्र में राजग सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए एक साथ आएं। माना जाता है कि लोकसभा चुनावों में मोदी की जीत में युवा वोटरों ने अहम भूमिका निभाई थी। नीतीश ने मोदी पर आरोप लगाया कि वे लोकसभा चुनावों के दौरान किए गए सारे वादे भूल रहे हैं। उन्होंने न तो न किसानों को उनके फसल की उत्पादन लागत से 50 फीसदी ज्यादा कीमत देने का वादा पूरा किया और न ही युवाओं को रोजगार दिया। आज यदि कोई सबसे ज्यादा ठगा हुआ महसूस कर रहा है तो वे युवा हैं।

जन धन योजना के तहत जब बैंक खाते खोले गए तो इसे बहुत प्रचारित-प्रसारित किया गया। अब यह बात सामने आई है कि इस योजना के तहत खोले गए कुल आठ करोड़ खातों में से पांच करोड़ खातों में धन का कोई लेन-देन नहीं हुआ और दुर्घटना होने की स्थिति में कोई लाभ नहीं मिलेगा। नीतीश ने मोदी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि यदि आपने हर व्यक्ति को 15 लाख रुपए नहीं भी दिए तो आपको उनके खातों में कम से कम 15,000 से 20,000 रुपए जमा कराने चाहिए थे ताकि वे यह लाभ ले पाते।

सूत्रों ने बताया कि जनता परिवार में शामिल रहीं छह पार्टियों के महाविलय में समय लग सकता है लेकिन राजद और जद (एकी) के विलय से इसकी शुरुआत हो सकती है। इस प्रक्रिया की शुरुआत जल्द हो सकती है क्योंकि बिहार विधानसभा के चुनाव अगले साल होने वाले हैं।

जद (एकी) अध्यक्ष शरद यादव ने एनडीए सरकार पर आरोप लगाया कि वह सबका साथ, सबका विकास के अपने चुनावी नारे से भटक रही है। यादव ने कहा कि आपको कमंडल बाबा, चिमटा बाबा और बाल्टी बाबा जैसी चीजों के लिए जनादेश नहीं मिला है। आपने इन सारी चीजों के लिए वोट मांगे भी नहीं थे। यदि आप सोचते हैं कि हर किसी को एक जैसा धर्म स्वीकार करना चाहिए तो चुनावों में इस पर फिर से जनादेश प्राप्त करें।

शरद ने कुछ भाजपा नेताओं के विवादित बयानों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आपको कितने वोट मिले हैं? 31 फीसद! आपने सिर्फ एक चुनाव जीता है। हमने तीन बार सरकार बनाई है। कांग्रेस 60 साल तक सत्ता में रही। हमने कभी यह सब नहीं किया। अपने वादे पूरे करें या कुर्सी छोड़े। यादव ने कहा कि आपका क्या मतलब है कि आप विकास तब करेंगे जब पूरा भारत हिंदू हो जाएगा। आपने चुनाव प्रचार के दौरान देश सेवा की बात की थी। क्या आप चाहते हैं कि धर्म के नाम पर देश में फिर खून बहे। मोदी जी हमें बताएं कि इस हिंसा के साथ विकास कैसे होगा।

चुनावी रैलियों में मोदी के ‘अच्छे दिन’ के नारे की खिल्ली उड़ाते हुए लालू ने कहा कि लोग मोदी के वादों से गुमराह हुए। लालू ने कहा कि मैं अपने बेटे से कहता हूं कि वह ट्विटर पर रामदेव को कहे कि इस पर मोदी का हिसाब-किताब ठीक कर लें। बाबा ने पहले कहा था कि विदेशी बैंकों में 26.5 लाख करोड़ रुपए जमा हैं। अब मोदी जी कह रहे हैं कि उन्हें नहीं पता कि वहां कितना काला धन है। मोदीजी, आपको जल्द से जल्द काला धन लाना चाहिए। सात महीने पहले ही बीत चुके हैं। पांच महीने और ले लीजिए। मोदी ने जब वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़ा तो कहा कि मां गंगा ने उन्हें बुलाया है। आप सभी को पता होगा कि गंगा जी कब बुलाती हैं। हम मोदी जी के दीर्घायु होने की कामना करते हैं।

 

 

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  1. Raj Mahato
    Dec 23, 2014 at 12:02 pm
    सारे चोर एक साथ...वह वह क्या नज़ारा है.....
    (0)(0)
    Reply
    1. K
      kumar
      Dec 23, 2014 at 11:52 am
      बचपन में एक बात पढ़ी थी कि जब बाढ़ का पानी आता है तो ज़मीन के नीचे रहने वाले सभी जीव जंतु एक ही पेड़ पर आसरा लेते हैं| आज उदहारण भी देखने को मिल गया | जब तक ाई खाने को मिल रहा था ये सब गुंडागर्दी करते थे, विकास से तो दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं था और एक दूसरे के दुश्मन थे | आज जनता को जातिवाद कि नहीं काम धंधे कि जरुरत है तो ये दोगले फिर से अपनी गन्दी राजनीती करने और अपनी पीठ बचाने के जुगाड़ में लग गए | ये सब के सब घूसखोर है और केवल घूसखोरो को बचाने कि कोसिस करते हैं |
      (0)(0)
      Reply
      1. K
        kumar
        Dec 23, 2014 at 2:41 pm
        ऐसा लगता है जैसे प्रंधानमंत्री की कुर्सी इन सबके बाप की है, ये बोलेंगे और मोदी छोड़ देंगे | इन गधो को कौन समझाए की मोदी जी एलेक्टेड प्रधानमंत्री है | तुम्हारी तरह चमचो द्वारा सिलेक्टेड साँसद नहीं.| मेरे विचार से अब समय आ गया है जब राज्य सभा और बिधान परिसद को समाप्त कर देना चाहिए, ताकि हारे हुए लोग राजनीती को ख़राब नहीं कर सके |
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        1. S
          satru
          Dec 23, 2014 at 1:33 pm
          सारे मिलकर शेर से लड़ने चले ! सालों के ड़ों पर डंडे पड़ने चाहिए
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          1. V
            vinay saxena
            Dec 23, 2014 at 12:52 pm
            उप और बिहार तो संभल नहीं रहा देश की बात करते है ,पहले अपने अंदर झांक कर देखो अपने अंदर की नेतागीरी समझ आ जाये , फिर बात करना की मोदी जी पद छोड़ दो, अपनी कुर्सी पर क्या फेविकोल लगा कर बैठो हो,
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            1. Load More Comments