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विश्व हिंदी सम्मेलन के मौके पर राजनीति के सुर: ‘हवाबाज-हवालेबाज’

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ‘हवाबाजी’ संबंधी टिप्पणी पर पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में जीएसटी विधेयक पारित नहीं होने देने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के विकास, जनता की भलाई के काम और लोकतंत्र के मार्ग में ‘हवालाबाज’ रुकावटें खड़ी कर रहे हैं और कालेधन पर सरकार के सख्त कानून बनाने से परेशान हो गए हैं।

जो दल 400 सीटें लेकर बैठा था, वह आज 40 में सिमट गया है। (फोटो स्रोत: ट्विटर)

हवालाबाज मांग रहे हिसाब : नरेंद्र मोदी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ‘हवाबाजी’ संबंधी टिप्पणी पर पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में जीएसटी विधेयक पारित नहीं होने देने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के विकास, जनता की भलाई के काम और लोकतंत्र के मार्ग में ‘हवालाबाज’ रुकावटें खड़ी कर रहे हैं और कालेधन पर सरकार के सख्त कानून बनाने से परेशान हो गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘सरकार की तिजोरी से पैसा पहले हवालाबाजों की जेब में जा रहा था। तो हवालाबाज लोग हमारा हिसाब मांग रहे हैं’।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 1984 में भाजपा की दो सीटें थी उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी भाजपा का मजाक उड़ाते थे और अब कांग्रेस की सीटों की संख्या 40 रह गई है जो कभी 400 थी। प्रधानमंत्री ने यहां भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘लोकतंत्र में जय और पराजय होती रहती है। चुनाव में जय मिलने पर जनता की भलाई के लिए प्राणप्रण से काम करने और पराजय मिलने पर आत्ममंथन करके कमियों को दूर करने की जरूरत होती है। लेकिन कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में पराजय से कोई सबक नहीं लिया है’।

संसद में जीएसटी विधेयक पारित नहीं होने देने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि हमने इस आशा से संसद सत्र का सत्रावसान नहीं किया था कि विरोधी दल देश के लोगों की आशा, आकांक्षाओं को समझेंगे, जनता की भावना को समझेंगे। अगर जनता ने पराजय दी है तो उसे स्वीकार करेंगे। हमें उम्मीद थी कि कुछ समय के व्यवधान के बाद संसद चलने लगेगी।

उन्होंने कहा, ‘करीब-करीब सभी दल इस बात से सहमत थे कि संसद चलनी चाहिए, निर्णय होने चाहिए। लेकिन एक है जो मानता नहीं। आखिरकार भारी मन से हमें संसद का सत्रावसान करने का निर्णय करना पड़ा। संसद चले ऐसी आशा थी। लेकिन उन्होंने (कांग्रेस) ऐसा होने नहीं दिया’।

कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पर ‘हवाबाजी’ करने संबंधी टिप्पणी का जिक्र किए बिना मोदी ने कहा कि सरकार ने कालेधन पर कठोर कानून बनाया है। कालेधन पर कठोर कानून से हवालेबाजों के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई है, वे परेशान हो गए हैं। मोदी ने कहा, ‘हवालेबाज लोकतंत्र के मार्ग में रुकावटें डालने का काम कर रहे हैं’।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हम लोकतंत्र की मर्यादाओं का पालन करते हुए जनता जनार्दन की आशा और आकांक्षाओं को पूरा करने में कोई कोर कसर नहीं छोडेंगे। कोई रुकावट आएगी तो उसे दूर करने के लिए रास्ता निकालेंगे’।

सोनिया गांधी ने कांग्रेस कार्य समिति की बैठक को संबोधित करते हुए कहा था, ‘भूमि अध्यादेश पर यूटर्न से स्पष्ट है कि सरकार को जमीनी हकीकत का पता नहीं है। यह पीड़ादायक रूप से स्पष्ट हो चुका है कि प्रधानमंत्री ने चुनाव अभियान के दौरान जो वादे किए, वे हवाबाजी से अधिक और कुछ भी नहीं हैं’।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने देश की भलाई के लिए सार्वजनिक रूप से संसद चलने देने का आग्रह किया था। हिंदुस्तान आज अकेले वैश्विक संकट के बीच टिका हुआ है और भारत को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। हम देश और जनता की भलाई के लिए काम करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे।

मोदी ने कहा, ‘लोकतंत्र में जय और पराजय एक सामान्य बात है। कभी भाजपा के संसद में केवल दो सदस्य थे। अटलजी समेत कई लोग चुनाव हार गए थे। तब के प्रधानमंत्री राजीव गांधी भाजपा का मजाक उड़ाते थे और हमें सुनना पड़ता था’। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जो दल 400 सीटें लेकर बैठा था, वह आज 40 में सिमट गया है’।

उन्होंने कहा कि हमें 1984 में पराजय मिली, उस पराजय से हमने सीखने का प्रयास किया, जो दिशा ठीक नहीं थी, उसे ठीक किया, ऊपर से नीचे तक सभी लोगों ने ठीक करने का प्रयास किया और इसमें लोगों की राय भी ली। हालांकि उस चुनाव को श्रीमती इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि के रूप में देखा जाता है फिर भी भाजपा ने अपनी कमियों को दूरने करने का प्रयास किया। लेकिन कांग्रेस ने कोई सबक नहीं सीखा।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज देश की जनता ने हमारे ऊपर विश्वास किया और 30 साल के अंतराल के बाद देश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनी’।

सरकार की कल्याण योजनाओं और कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सिर्फ कानून बनाना ही काफी नहीं है, हमारी सरकार का प्रयास उसे लागू करने का है ताकि देश के गरीब से गरीब लोगों को उसका फायदा मिल सके। मुद्रा बैंक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमने समाज के कमजोर वर्गों और छोटे-छोटे व्यवसाय में लगे लोगों को आर्थिक मदद के लिए ‘मुद्रा बैंक’ की स्थापना की। छोटे गरीब लोगों, रेहड़ी पटरी पर ठेला लगाकर आजीविका चलाने वालों को आगे बढ़ने में मदद और साहूकारों के कर्ज से मुक्ति दिलाने की दिशा में यह अहम पहल है।

जनधन योजना के तहत बैंकों में खाते खोलने के औचित्य पर कुछ वर्गों के सवाल उठाए जाने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे बताना चाहते हैं कि इसका औचित्य क्या है। जब घरों में उपयोग वाले गैस सिलेंडर को जनधन और आधार से जोड़ दिया गया तब इससे गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सबसिडी बिचौलियों और ठेकेदारों के हाथों में जाने के बजाए सीधे उपभोक्ताओं के खाते में जा रही है।

जब से यह व्यवस्था लागू हुई है तब से गैस सबसिडी में पांच करोड़ लोग कम हुए हैं। पांच करोड़ लोगों के नाम पर खेला जाने वाला सबसिडी का यह खेल खत्म हुआ है और इससे 19 हजार करोड़ रुपए बचाए जा सकेंगे।

उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि क्या इससे भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लग रही है? प्रधानमंत्री ने 25 सितंबर को पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती और दो अक्तूबर को महात्मा गांधी की जयंती का जिक्र करते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं से गांव-गांव, गली-गली, अस्पतालों, स्कूलों, रेलवे स्टेशनों आदि में स्वच्छता अभियान चलाने का आग्रह किया।

 

व्यापमं-ललितगेट का क्या : सोनिया गांधी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोनिया गांधी पर किए गए हमले से नाराज कांग्रेस ने गुरुवार को यह कहते हुए पलटवार किया कि असली हवाबाज और दगाबाज का फैसला जनता करेगी जिसने लोगों से किया गया वादा पूरा नहीं किया। रायबरेली में मौजूद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी से सवाल पूछा कि उन्हें व्यापमं और ललितगेट के बारे में क्या कहना है।

प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य प्रतिपक्षी दल (कांग्रेस) को ‘हवालाबाज’ कहने के बारे में हुए एक सवाल पर सोनिया गांधी ने पलटवार करते हुए कहा, ‘मध्य प्रदेश (व्यापमं) का मामला, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का मामला, राजस्थान की मुख्यमंत्री (ललितगेट) के मामले के बारे में उन्हें क्या कहना है’। रायबरेली में इससे पहले सोनिया गांधी ने अपने दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन गुरुवार को स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उन कांग्रेसियों के घर भी गर्इं, जिनके परिवारों में हाल के दिनों में कोई गमी आदि की घटना हुई थी।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने नई दिल्ली में पत्रकारों से कहा, ‘देश यह फैसला करेगा कि कौन हवाबाज और दगाबाज है’। सुरजेवाला ने कहा कि मोदी ने लोकसभा चुनाव से पहले वादा किया था कि सरकार विदेशी कर पनाहगाहों से वापस लाए गए कालेधन में से प्रत्येक नागरिक के बैंक खाते में 15 लाख रुपए जमा करेगी। इस दावे को बाद में उनकी पार्टी के अध्यक्ष ने एक जुमला बता दिया था।

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही मोदी ने किसानों को भरोसा दिलाया था कि उन्हें अपनी उपज की कीमत पर 50 फीसद मुनाफा मिलेगा लेकिन उनकी परेशानी और बढ़ गई और उनमें से कुछ को आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा-इसलिए अब निर्णय जनता को करना है कि कौन असली दगाबाज है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर भूतपूर्व सैनिकों के लिए ‘वन रैंक, वन पेंशन’ को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि भूतपूर्व सैनिक जहां एक ओर पिछले 90 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, सरकार ने बिहार चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले योजना को अधिसूचित नहीं किया जिसे उसने कमजोर कर दिया है।

सुरजेवाला ने कहा कि जनता अब तक यह समझ चुकी है कि सुशासन और व्यापार करने में आसानी के नारे हवाबाजी थे क्योंकि प्रत्येक दिन गुजरने के साथ अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब हो रही है। कांग्रेस प्रवक्ता ने मोदी को सलाह दी कि वे अपने विरोधियों पर निशाना साधते समय इतना अधिक नहीं गिर जाएं कि लोगों की नजरों में ही गिर जाएं।

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