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नरेंद्र मोदी ने कश्मीरियों से की ‘एक मौका’ देने की अपील

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कश्मीर के लोगों से कहा कि वह उनके दुख और दर्द को साझा करना चाहते हैं और भाजपा को शासन करने का ‘‘एक मौका’’ देने की अपील की। साथ ही उन्होंने राज्य को कांग्रेस एवं ‘‘दो वंशवादी सत्ता’’ नेशनल कांफ्रेंस एवं पीडीपी से मुक्ति दिलाने का भी आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने […]
Author December 8, 2014 18:28 pm
कांग्रेस ने कहा, “मोदी ने एक रेडियो कार्यक्रम के दौरान अधिक कौशल से काम नहीं किया जब उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति का पहला नाम ‘‘बराक’’ 23 बार लिया।” (फ़ाइल फोटो-पीटीआई)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कश्मीर के लोगों से कहा कि वह उनके दुख और दर्द को साझा करना चाहते हैं और भाजपा को शासन करने का ‘‘एक मौका’’ देने की अपील की। साथ ही उन्होंने राज्य को कांग्रेस एवं ‘‘दो वंशवादी सत्ता’’ नेशनल कांफ्रेंस एवं पीडीपी से मुक्ति दिलाने का भी आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आपने पिछले 30 वर्षों में कश्मीर में क्या देखा? या तो कांग्रेस की सरकार रही या पिता-पुत्र (नेशनल कांफ्रेंस) की या फिर पिता-पुत्री (पीडीपी) की सरकार रही। आपने तीनों तरह की सरकार देखी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अपने लिए उन्होंने सब कुछ हासिल किया लेकिन आपके लिए कुछ नहीं किया। उन तीनों से एक बार मुक्ति पाइए और एक बार मुझे सेवा करने का मौका दीजिए। मैं आपके सपने को अपना सपना बनाऊंगा। मैं अपनी पूरी सरकार को आपकी सेवा में लगा दूंगा।’’
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार ने जम्मू-कश्मीर का सत्यानाश कर दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हद हो गई, भ्रष्टाचार ने जम्मू-कश्मीर का विनाश किया है। आतंकवाद खत्म हो गया है लेकिन भ्रष्टाचार खत्म नहीं हुआ है। हमारे समक्ष सबसे बड़ी चुनौती भ्रष्टाचार का खात्मा है। जब तक भ्रष्टाचार खत्म नहीं होता तब तक कश्मीर में आम आदमी प्रगति नहीं कर सकता।’’

अपने 30 मिनट के भाषण में मोदी ने कश्मीरियों का दर्द बांटने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी के सांप्रदायिक सौहार्द, मानवता और लोकतंत्र का उद्धरण दिया और राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का वादा किया।

घाटी में अपनी पहली चुनावी सभा में मोदी ने कहा, ‘‘कश्मीर के लोगों ने हमें काफी प्यार दिया है और हम पर विश्वास किया है। मैं इस प्यार और विश्वास को ब्याज के साथ विकास के रूप में चुकाऊंगा। मैं इस प्यार और मुझ पर दिखाए गए विश्वास के लिए मर भी सकता हूं।’’ रैली में अनुच्छेद 370 को समाप्त करने जैसे विवादास्पद मुद्दों का उन्होंने जिक्र नहीं किया।

परंपरागत कश्मीरी वस्त्र ‘फिरन’ पहने हुए मोदी ने लोगों के साथ रिश्ता जोड़ते हुए कहा, ‘‘मैं प्रधान सेवक के रूप में आपके दुख दर्द बांटने आया हूं। आपके दुख मेरे दुख हैं, आपके दर्द मेरे दर्द हैं, आपकी समस्या मेरी समस्या है। मैं कुछ लेने नहीं आया हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सेना और पुलिस के लोगों के साथ ही निर्दोष युवक भी मारे गए हैं। उनकी क्षति अपूरणीय है और कोई भी इसकी क्षतिपूर्ति नहीं कर सकता लेकिन बांटने से दर्द कम होता है।’’

वर्ष 2003 में इसी स्थान पर वाजपेयी के मशहूर भाषण का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘वाजपेयी ने अच्छी शुरुआत की। मैं इसे आगे बढ़ाने आया हूं। इसे आगे बढ़ाना और इंसानियत, कश्मीरियत और जम्हूरियत के सपने को पूरा करना मेरा कर्तव्य है। ये तीन स्तंभ कश्मीर को 21वीं सदी में विकास के रास्ते पर ले जाएंगे।’’

इससे पहले जम्मू संभाग के सांबा में मोदी ने कहा कि एके-47 पर उंगली रखने से ज्यादा शक्तिशाली ईवीएम का बटन दबाना है। मोदी ने कहा कि विस्थापित लोगों का पुनर्वास राष्ट्रीय जवाबदेही है और उनकी सरकार सुनिश्चित करेगी कि जो लोग विस्थापित हुए हैं उनका पुनर्वास हो। मोदी ने चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ईवीएम का बटन दबाना एके-47 के ट्रिगर को दबाने से ज्यादा शक्तिशाली है।’’

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