उत्तराखंड के नैनीताल जिले में हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़ा शुद्धिकरण का मामला बढ़ता जा रहा है। नैनीताल पुलिस ने इस मामले में एक और एफआईआर दर्ज कर ली है। यह एफआईआर एक कांग्रेस कार्यकर्ता की शिकायत पर दर्ज की गई है।
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को मल्लिकार्जुन खड़गे का एक कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम के बाद भाजपा के कुछ कार्यकर्तओं ने 11 अगस्त को कार्यक्रम स्थल के मंच पर धार्मिक अनुष्ठान किया, जिसे कांग्रेस ने ‘शुद्धिकरण’ बताया और भाजपा पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया। हालांकि मामला बढ़ने के बाद कारण बताते हुए कार्यक्रम के आयोजक श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास ने कहा कि यह धार्मिक आस्था और सफाई के लिए किया गया।
इससे पहले कर्नाटक में दर्ज हुई थी एफआईआर
इससे पहले कर्नाटक में उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ भी जीरो FIR दर्ज हो गई। अब इस मामले में कांग्रेस कार्यकर्ता अंजू की शिकायत पर नैनीताल पुलिस ने हल्द्वानी कोतवाली में एक और FIR दर्ज कर ली गई है।
पुलिस के मुताबिक, यह एफआईआर BNS की धाराओं 196 और 299 के साथ-साथ SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(R) के तहत दर्ज की गई है। नैनीताल के SSP मंजूनाथ TC ने इस मामले की जांच SP (क्राइम) जगदीश चंद्र को सौंपी है।
पुलिस को मिली थी 80 शिकायतें
न्यूज एजेंसी ANI से फोन पर बात करते हुए, नैनीताल के SSP मंजूनाथ TC ने बताया कि पुलिस को पूरे उत्तराखंड से 80 शिकायतें/याचिकाएं मिली थीं (जिनमें नैनीताल जिले की 19 शिकायतें शामिल थीं) जिनमें इस मामले में FIR दर्ज करने की मांग की गई थी।
SSP ने यह भी कहा कि शिकायतों की कानूनी जांच के बाद, अंजू की शिकायत पर हल्द्वानी कोतवाली में मामला दर्ज किया गया; अंजू ही वह पहली व्यक्ति थीं जिन्होंने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आगे बताया कि जांच का काम एक गजेटेड अधिकारी, SP (क्राइम) जगदीश चंद्र को सौंपा गया है।
चल रही जांच
हल्द्वानी के SSP मंजूनाथ TC ने कहा, “हमें राज्य भर के संगठनों और राजनीतिक पार्टियों से 10 तारीख को रामलीला मैदान में हुई कथित घटनाओं खासकर सफाई, रीति-रिवाजों और कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम के बारे में कई याचिकाएं और आवेदन मिले थे। हम इन सभी आवेदनों की कानूनी जांच कर रहे थे।”
आगे कहा, “इस कानूनी जांच के दौरान हमें पता चला कि हल्द्वानी की एक सामाजिक कार्यकर्ता और वकील, अंजू ने सबसे पहले हल्द्वानी कोतवाली पुलिस स्टेशन में औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी; उन्होंने स्टेशन हाउस ऑफिसर और अन्य अधिकारियों को संबंधित वीडियो भी दिए थे।”
SSP मंजूनाथ TC ने कहा, “नतीजतन, उनकी औपचारिक शिकायत के आधार पर, हमने आज IPC की धारा 196 और 299 और SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r) के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले की जांच चल रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, हमने जांच का जिम्मा जगदीश चंद्र को सौंपा है जो पहले एक सीनियर PPS अधिकारी थे और अब IPS कैडर में प्रमोट हो चुके हैं। हम उन सभी लोगों से अपील करते हैं जिन्होंने आवेदन दिए हैं चाहे हल्द्वानी में हों या राज्य में कहीं और कि वे ध्यान दें कि जांच अभी चल रही है।”
राहुल गांधी पर दर्ज हुई एफआईआर
29 अगस्त को राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और शुद्धिकरण का मुद्दा उठाया। साथ ही कहा कि इसमें शामिल होने के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर होनी चाहिए। इसके बाद हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दी गई, जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने राहुल के खिलाफ बीएनएस की धारा 196 और 299 के साथ एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई।
इसके बाद बेंगलुरु में कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष टीआर रामप्पा ने 31 अगस्त को विधानसौध थाने में उत्तराखंड भाजपा के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ शिकायत दी। जिस पर 4 सितंबर को बेंगलुरु पुलिस ने उत्तराखंड भाजपा के अध्यक्ष और अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज कर ली।
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उत्तराखंड हाई कोर्ट में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद हल्द्वानी के रामलीला मैदान के कथित शुद्धिकरण से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य सरकार ने हाई कोर्ट को आश्वासन दिया कि पुलिस निष्पक्ष जांच करेगी और संबंधित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखेगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
