ताज़ा खबर
 

नंदीग्राम केसः ममता के निशाने पर आए HC के जस्टिस बोले-जब पहली बार बीजेपी की पैरवी की तो जज नहीं जानते थे पार्टी का पूरा नाम

न्यायमूर्ति चंदा ने कहा कि एक वकील के रूप में जब उन्होंने भाजपा के लिए पैरवी की थी तो राज्य में बीजेपी को बहुत कम लोग ही जानते थे।

ममता बनर्जी और न्यायमूर्ति कौशिक चंदा (फोटो- Twitter-@barandbench,इंडियन एक्सप्रेस)

कलकाता उच्च न्यायालय ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उस याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा। जिसमें उन्होंने कहा है कि भाजपा नेता सुभेंदु अधिकारी के खिलाफ उनकी चुनाव याचिका की सुनवाई के लिए नियुक्त न्यायाधीश मामले से खुद को अलग कर लें, क्योंकि वह भाजपा के “सक्रिय सदस्य” रह चुके हैं। इधर जस्टिस कौशिक चंदा ने कहा है कि उन्होंने जब पहली बार बीजेपी की पैरवी की थी तो जज को भी बीजेपी का पूरा नाम पता नहीं था।

न्यायमूर्ति चंदा ने कहा कि एक वकील के रूप में जब उन्होंने भाजपा के लिए पैरवी की थी तो राज्य में बीजेपी को बहुत कम लोग ही जानते थे। उन्होंने अपने अनुभव को शेयर करते हुए कहा कि जब वे जज के सामने पेश हो रहे थे, तब जज को भी बीजेपी के फुल फॉर्म की जानकारी  नहीं थी। उन्होंने कहा कि जज ने पूछा था कि मैं किस पार्टी की तरफ से पैरवी कर रहा हूं। मैंने कहा भारतीय जनता पार्टी। उन्होंने एक बार फिर पूछा कि कौन सी पार्टी? तब मैंने बात दोहराया, मैंने कहा बीजेपी, उन्होंने कहा ‘ओह बीजेपी’।

गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने उच्च न्यायालय का रुख यह दावा करते हुए किया कि उन्हें संदेह है कि उन्हें न्यायाधीश के भाजपा से कथित संबंध होने के कारण न्याय नहीं मिलेगा। बनर्जी के वकील ने उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल को पत्र लिखकर बनर्जी की चुनाव याचिका को किसी और न्यायाधीश के पास सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया था।

बनर्जी ने मामले से न्यायाधीश को हटाने संबंधी याचिका में दावा किया गया है कि उन्हें इस बात की जानकारी दी गई है कि न्यायमूर्ति चंदा भाजपा के “सक्रिय सदस्य” रहे हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि मामला एक निर्वाचन याचिका पर निर्णय लेने से संबंधित है जहां भाजपा प्रत्याशी के निर्वाचन को चुनौती दी गई है, इसलिए इसके राजनीतिक प्रभाव हो सकते हैं।

इसलिए, उन्होंने आग्रह किया कि कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, जोकि रोस्टर के मास्टर हैं, वह मामला अन्य पीठ को सौंप दें।बताते चलें कि ममता बनर्जी की जस्टिस कौशिक चंदा को हटाने की याचिका की सुनवाई भी जस्टिस कौशिक चंदा की सिंगल बेंच के अंदर ही हो रही है।

Next Stories
1 रिलायंस बोर्ड में शामिल होंगे सऊदी अरामको के चेयरमैन, बड़े ऐलान कर सकते हैं मुकेश अंबानी
2 Realme ने लॉन्च किए 2 फोन, इनमें है 90Hz का डिस्प्ले, 5000mAh बैटरी और 48MP कैमरा, जानें अंतर और कीमत
3 नंदीग्राम में हार के खिलाफ याचिका पर सुनवाई में हाजिर हुईं ममता बनर्जी, फैसला सुरक्षित
ये पढ़ा क्या?
X