राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को लेकर चल रहे विवाद के बीच नागपुर नगर निगम प्रशासन एक घटना की वजह से अजीबो-गरीब स्थिति में फंस गया है। हुआ यह है कि गुरुवार को नगर निगम की जनरल बॉडी की बैठक थी।
बैठक से पहले वंदे मातरम के केवल दो अंतरे ही गाए गए। दिलचस्प बात यह है कि नागपुर नगर निगम की सत्ता बीजेपी के पास है।
मेयर नीता ठाकरे ने इस मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। नागपुर नगर निगम में सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले वंदे मातरम को गाया जाना पुरानी परंपरा है।
वंदे मातरम को लेकर विवाद
यह घटना ऐसे वक्त में हुई है, जब वंदे मातरम को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच विवाद चल रहा है। हाल ही में जब कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) ने वंदे मातरम के केवल पहले दो अंतरे गाने का फैसला किया था तो बीजेपी ने इसकी जमकर आलोचना की थी।
कांग्रेस पार्षद अभिजीत झा ने आरोप लगाया कि नगर निगम की बैठक में वंदे मातरम के केवल दो अंतरे ही गाए गए। उन्होंने यह भी कहा कि 20 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती थी लेकिन सदन की बैठक में शुरुआत में उन्हें श्रद्धांजलि नहीं दी गई और बैठक में शामिल सदस्यों को इसकी याद दिलाई गई। इस मामले में नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि निगम मुख्यालय में सुबह ही औपचारिक रूप से श्रद्धांजलि अर्पित की जा चुकी थी।
अधिकारियों ने दिए अलग-अलग बयान
वंदे मातरम के मामले में विवाद तब और गहरा गया जब नगर निगम के अधिकारियों ने इसे लेकर अलग-अलग बयान दिए। नगरपालिका सचिव रंजना लाडे ने कहा “यह खेल एवं संस्कृति अधिकारी का काम है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि केवल दो छंद ही बजाए गए हों और यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।”
रंजना लाडे ने कहा कि हमने इस मामले में खेल एवं संस्कृति अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है लेकिन खेल अधिकारी पीयूष अंबुलकर ने कहा कि यह जिम्मेदारी नगर निगम सचिवालय की है।
पीयूष अंबुलकर ने वंदे मातरम विवाद को लेकर कहा, “यह सचिवालय की जिम्मेदारी है। हमारी जिम्मेदारी केवल 15 अगस्त और 26 जनवरी को है। 15 अगस्त को हमने परिसर में इसे पूरा बजाया था।”
मेयर ने नगर निगम के आयुक्त को लिखा पत्र
इसके बाद मेयर नीता ठाकरे ने नगर निगम के आयुक्त विपिन इटणकर को पत्र लिखकर मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। मेयर ने अपने पत्र में कहा कि वंदे मातरम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत रहा है और इसे गाते समय सम्मान और अनुशासन देने की अपेक्षा की जाती है। मेयर ने कहा कि जनरल बॉडी की बैठक में वंदे मातरम का केवल कुछ हिस्सा गाया जाना गलत है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए?
मेयर ने नगर निगम की बैठकों में राष्ट्रीय गान और वंदे मातरम को गाए जाने को लेकर स्पष्ट प्रक्रिया तय करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि इससे भविष्य में इस तरह की घटना को दोबारा होने से रोका जा सकेगा।
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कांग्रेस कार्य समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के केवल दो अंतरे ही गाए जाएंगे। कार्य समिति के इस फैसले से पार्टी के कुछ वर्गों में बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
