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नागपुर में आरएसएस की बड़ी बैठक, नए भाजपा अध्‍यक्ष के नाम पर चर्चा संभव

खबर है कि इस बैठक में भाजपा अध्‍यक्ष पद के चुनाव पर भी चर्चा होगी। ऐसी चर्चा भी है कि बैठक में अमित शाह भी शामिल हो सकते हैं, पर इसकी पुष्‍टि नहीं हुई है।

नागपुर में इस बैठक के दौरान बीजेपी के नए अध्यक्ष के नाम पर भी चर्चा हो सकती है। (फाइल फोटो)

नागपुर: राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) 20 मई को नागपुर में बड़ी बैठक करने वाला है। इसमें संघ के तमाम दिग्‍गज और भाजपा के कुछ बड़े नेता भी शामिल होंगे। बैठक में 23 तारीख को आने वाले लोकसभा चुनाव परिणामों से संबंधित आंकलन किए जाने की चर्चा है। खबर है कि इस बैठक में भाजपा अध्‍यक्ष पद के चुनाव पर भी चर्चा होगी। ऐसी चर्चा भी है कि बैठक में अमित शाह भी शामिल हो सकते हैं, पर इसकी पुष्‍टि नहीं हुई है।
2014 में भाजपा को मिली अभूतपूर्व जीत के दो महीने बाद ही बीजेपी की कमान अमित शाह को सौंप दी गई थी। उनके कार्यकाल में बीजेपी ने कई विधानसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन भी किया और उत्तर-पूर्वी राज्यों में भी बीजेपी अपने पांव जमाते नजर आई।

2019 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अमित शाह ने अलग-अलग राज्यों में अबतक 47 दौरे किए हैं। इतना ही नहीं पिछले पांच सालों में वह 1500 जनसभाओं का हिस्सा रहे हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक पिछले पांच साल में पांच में से तीन यात्राएं चुनाव के संबंध में ही की है जबिक अन्य यात्राएं पार्टी संयोजन के संबंध में रही। बीजेपी नेता के मुताबिक अमित शाह छह लाख किलोमीटर की यात्रा चुनाव संबंध में की है जबकि चार लाख 13 हजार किलोमीटर की यात्र पार्टी के संयोजन कार्य के संबंध में की है।

अमित शाह ने 2014 और 2016 में 191 मीटिंग और 2017 में 188 मीटिंग जबकि 2018 में 350 जनसभाएं अकेले की हैं। पिछले साल भाजपा ने अपने कार्यकारिणी की बैठक में संसदीय चुनाव के चलते पार्टी के अंदर के चुनाव को स्थगित कर दिया था। पार्टी के सिद्धांत के तहत को कोई भी पार्टी के प्रमुख के तौर पर लगातार दो बार से ज्यादा नहीं रह सकता।

हालांकि अमित शाह का कार्यकाल 2016 में शुरू हुआ है। 2014 में उत्तर प्रदेश में बीजेपी को बड़ी जीत दिलाने के बाद उन्होंने सबका ध्यान खींचा। 2014 चुनाव के वॉर रूम में हिस्सा रह मोदी से एक शख्स बताते हैं कि साल 2019 का चुनाव अमित शाह का चुनाव है। लंबे समय से चुनाव के लिए काम कर रहे अमित शाह अधिकांश जगहों पर अपने पैर जमा लिए हैं। दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थिति बीजेपी के नए कार्यालय में पांचवें मंजिल पर एक कंट्रोल रूम था जो अकेले अमित शाह को सौंप दिया गया था।

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