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नगालैंड चुनाव: बीजेपी का वादा- जीते तो ईसाइयों को मुफ्त में कराएंगे यरूशलम की सैर, कांग्रेस ने दिया है सब्‍सिडी का भरोसा

Nagaland Assembly election 2018: बीजेपी ने वादा किया है कि अगर उनकी पार्टी चुनाव में जीत हासिल करती है तो राज्य के ईसाइयों को मुफ्त में यरूशलम की सैर कराई जाएगी। वहीं ईसाई बहुल राज्य नगालैंड में कांग्रेस ने भी कुछ इस तरह का वादा किया है।

सांकेतिक तस्वीर।

नगालैंड में इसी महीने विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। बीजेपी और कांग्रेस समेत सभी राजनीतिक पार्टियां की ओर से नगालैंड की जनता का दिल जीतने की पूरी कोशिश की जा रही है। बीजेपी ने अपनी ‘हिंदूवादी’ छवि को खत्म करने के उद्देश्य से नगालैंड के लोगों से प्रचार के दौरान बेहद ही खास वादा किया है। बीजेपी ने वादा किया है कि अगर उनकी पार्टी चुनाव में जीत हासिल करती है तो राज्य के ईसाइयों को मुफ्त में यरूशलम की सैर कराई जाएगी। वहीं ईसाई बहुल राज्य नगालैंड में कांग्रेस ने भी कुछ इस तरह का वादा किया है। राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस की ओर से ट्रिप में सब्सिडी देने का वादा किया गया है।

द हिंदू के मुताबिक नगालैंड बीजेपी प्रवक्ता जेम्स विजो का कहना है, ‘अगर हमारी पार्टी जीतती है तो हम कुछ वरिष्ठ नागरिकों को यरूशलम भेजने की योजना बना रहे हैं। हमारे वरिष्ठ नागरिकों के लिए तीर्थयात्रा मुक्त हो सकती है, लेकिन इस पर बाद में काम करने की जरूरत है।’ बता दें कि नगालैंड में बीजेपी क्षेत्रीय दल नेशनलिस्ट डेमक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है।

वहीं कांग्रेस की ओर से इस ट्रिप में सब्सिडी देने का ऐलान किया गया है। पार्टी के घोषणापत्र में कहा गया है, ‘राज्य सरकार के एक अधिनियम द्वारा एक बोर्ड का गठन किया जाएगा जो अल्पसंख्यकों को पवित्र स्थानों की यात्रा में सब्सिडी मुहैया कराने के लिए काम करेगा।’ रिपोर्ट्स के मुताबिक पवित्र स्थान की मुफ्त यात्रा करवाने का बीजेपी का कदम बैप्टिस्ट चर्च की चेतावनी को देखते हुए उठाया गया है।

बता दें कि नगालैंड में बैप्टिस्ट चर्चों की सर्वोच्च संस्था नगालैंड बैपटिस्ट चर्च परिषद (एनबीसीसी) ने नगालैंड की सभी पार्टियों के अध्यक्षों के नाम एक खुला खत लिखा था। इस खुले खत में लोगों से बीजेपी को वोट न देने की बात कही गई थी। इसमें लिखा गया था कि 2015-2017 के दौरान आरएसएस समर्थित भाजपा सरकार में भारत ने अल्पसंख्य समुदायों के लिए में सबसे बुरा अनुभव किया है। एनबीसीसी के महासचिव ने कहा था, ‘हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में आरएसएस की राजनीतिक शाखा बीजेपी के सत्ता में रहने की वजह से हिंदुत्व का आंदोलन अभूतपूर्व तरीके से मजबूत और आक्रामक हुआ है।’

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