पुडुचेरी के दिग्गद नेता एन रंगासामी ने बुधवार को लगातार पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) के संस्थापक रंगासामी ने एक बार फिर एनडीए सरकार का नेतृत्व संभाल लिया है।

राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन ने मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। रंगासामी ने ईश्वर के नाम पर शपथ ली।

उनके साथ AINRC नेता मल्लादी कृष्णा राव और भाजपा नेताअरुमुगम नमस्सिवयम ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। खास बात यह रही कि मल्लाडी कृष्णा राव ने तेलुगु भाषा में शपथ ली। वह पुडुचेरी के यानम क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो भौगोलिक रूप से आंध्र प्रदेश के भीतर स्थित है।

एनडीए ने फिर कायम रखा दबदबा

समारोह में भाजपा के वरिष्ठ संगठनात्मक नेताओं की मौजूदगी ने इस सरकार के राजनीतिक महत्व को और बढ़ा दिया। भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारी नितिन नवीन और पार्टी के वरिष्ठ रणनीतिकार बीएल संतोष भी शपथ ग्रहण के दौरान मंच पर मौजूद रहे।

केंद्र शासित प्रदेश में हाल ही में हुए चुनावों में एनडीए गठबंधन ने बहुमत हासिल कर लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी की। चुनाव परिणामों के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रंगासामी को सरकार गठन के लिए आमंत्रित किया था।

क्यों अहम है रंगासामी की वापसी?

पुडुचेरी की राजनीति में रंगासामी को एक मजबूत जनाधार वाले नेता के रूप में देखा जाता है। उनकी सादगीपूर्ण छवि और कल्याणकारी योजनाओं के कारण उन्हें “पुडुचेरी का लोकप्रिय चेहरा” माना जाता है। पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनना इस बात का संकेत है कि क्षेत्रीय राजनीति में उनका प्रभाव अब भी कायम है।

हालांकि, नई सरकार के सामने अब रोजगार, पर्यटन, बुनियादी ढांचे और केंद्र के साथ बेहतर समन्वय जैसे मुद्दों पर तेजी से काम करने की चुनौती होगी।