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नसीरुद्दीन शाह बोले- मेरे लिए अवॉर्ड की कोई अहमियत ही नहीं

एक्‍टर नसीरुद्दीन शाह ने कहा है कि वह अपना अवॉर्ड नहीं लौटाएंगे, क्‍योंकि उनके लिए अवॉर्ड की कोई अहमियत ही नहीं है। उन्‍होंने भाजपा पर भी निशाना साधा।

एक्‍टर नसीरुद्दीन शाह ने कहा है कि वह अपना अवॉर्ड नहीं लौटाएंगे, क्‍योंकि उनके लिए अवॉर्ड की कोई अहमियत ही नहीं है। उन्‍होंने भाजपा पर भी निशाना साधा। कहा- विरोध पर भाजपा नेताओं के बयानों से ही पता चलता है कि उनकी सहनशीलता का स्‍तर (टॉलरेन्‍स लेवल) क्‍या है। 66 साल के शाह पर पिछले महीने ट्विटर के जरिए खूब निशाना साधा गया था।

तब उन्‍होंने पाकिस्‍तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी की किताब के विमोचन के मौके पर एक बयान दिया था। उन्‍होंने कहा था, ‘कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं है। मुझे मेरी देशभक्ति का सबूत किसी को देने की जरूरत नहीं है।’

इन दिनों देश में सहिष्णुता का मुद्दा चर्चा में है। सहिष्‍णुता लगातार कम होने और इस दिशा में सरकार द्वारा कुछ नहीं किए जाने का आरोप लगाकर कई साहित्‍यकार, फिल्‍मकार, वैज्ञानिक, कलाकार अपना अवॉर्ड लौटा चुके हैं। जबकि, कई सरकार के समर्थन में आ गए हैं। अनुपम खेर अवॉर्ड लौटाए जाने का विरोध करने के लिए 7 नवंबर को राष्‍ट्रपति भवन मार्च करने वाले हैं। वह राष्‍ट्रपति से भी मिलेंगे।

लेखकों, शिक्षाविदों और कलाकारों के एक समूह ने गुरुवार को नरेंद्र मोदी सरकार का समर्थन किया। देश में बढ़ती असहिष्णुता के विरोध को एक सिरचढ़े वर्ग की अपनी घटती अहमियत के खिलाफ एक तरह की नौटंकी बताकर खारिज कर दिया। उन्होंने असहिष्णुता के माहौल को लेकर केंद्र पर हमला कर रहे बुद्धिजीवियों पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के बुद्धिजीवियों का एक वर्ग लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की जीत से निराश है और चुनाव की असफलता का अब दूसरे तरीकों से बदला लिया जा रहा है। (पढ़ें पूरी खबर)

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