ताज़ा खबर
 

मुजफ्फरपुर शेल्‍टर होम केस: ब्रजेश ठाकुर के ऑफिस में बनी हैं गुप्‍त सीढ़‍ियां, रिपोर्ट में दावा

अखबार के दफ्तर में गुप्त सीढ़ियां बनाई गई थीं, जो सीधे बालिका गृह तक जाती थीं और इसी के माध्यम से ब्रजेश ठाकुर और उसके खास लोग शेल्टर होम तक जाते थे। कहा जा रहा है कि बालिका गृह तक गुपचुप तरीके से जाने के लिए गुप्त सीढ़ियों का निर्माण किया गया था।

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम का मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर (Express photo by Lokesh Bihari)

बिहार के मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम केस में एक के बाद एक कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। बालिका गृह में रहने वाली 44 में से 34 बच्चियों के साथ रेप की बात सामने आने के बाद से ही इस मामले में आए दिन किसी न किसी राज पर से पर्दा उठ रहा है। इस केस में मुख्य आरोपी ब्रजेश कुमार, जो इस वक्त पुलिस की गिरफ्त में है, उससे संबंधित एक और नया खुलासा हुआ है। आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रजेश कुमार के प्रात: कमल अखबार के दफ्तर में एक गुप्त रास्ता बनाया गया था, जो सीधे बालिका गृह जाता था।

रिपोर्ट के मुताबिक अखबार के दफ्तर में गुप्त सीढ़ियां बनाई गई थीं, जो सीधे बालिका गृह तक जाती थीं और इसी के माध्यम से ब्रजेश ठाकुर और उसके खास लोग शेल्टर होम तक जाते थे। कहा जा रहा है कि बालिका गृह तक गुपचुप तरीके से जाने के लिए गुप्त सीढ़ियों का निर्माण किया गया था। ब्रजेश ठाकुर के प्रात: कमल अखबार की बहुत ही कम प्रतियां छपती थीं, लेकिन इस अखबार को सरकार की तरफ से कई बड़े विज्ञापन मिलते थे।

इसके अलावा एक अन्य बात भी सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भले ही ब्रजेश ठाकुर इस वक्त पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन वह जेल की बैरक की जगह हॉस्पिटल वार्ड में आराम से सो रहा है। इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक ब्रजेश ठाकुर को मुजफ्फरपुर जेल के अंदर स्थित अस्पताल के वार्ड नंबर 8 में रखा गया है। जेल सुपरिटेंडेंट का कहना है कि ब्रजेश स्लिप डिस्क और गंभीर डायबीटीज से पीड़ित है, ऐसे में उसे पूरे समय डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाता है। सुपरिटेंडेंट का कहना है कि अगर बैरक में रखने से ब्रजेश ठाकुर को कुछ हो गया तो कौन जिम्मेदारी लेगा?

बता दें कि ठाकुर की जमानत याचिका को पोस्को कोर्ट पहले ही खारिच कर चुका है। 31 मई को एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने ठाकुर को 2 जून को गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद ब्रजेश को श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में रखा गया था, जहां से उसे 27 जून को जेल में शिफ्ट किया गया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App