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दिल्लीः मुथूट ग्रुप के चेयरमैन का निधन, अपने घर की चौथी मंजिल से गिर गए थे जॉर्ज मुथूट

शुक्रवार की रात जिस वक्त यह हादसा हुआ जॉर्ज अपने घर में अकेले थे। सीसीटीवी में वह घर की चौथी मंजिल पर खड़े भी दिख रहे हैं।

George Muthootमुथूट ग्रुप के चेयरमैन जॉर्ज मुथूट (फोटो सोर्सः ट्विटर@TomVadakkan2)

मुथूट ग्रुप के चेयरमैन जॉर्ज मुथूट का शुक्रवार को दिल्ली में निधन हो गया। 72 वर्षीय जॉर्ज देश के जाने-माने बिजनेसमैन थे। जॉर्ज ईस्ट कैलाश स्थित अपने घर की चौथी मंजिल से गिर गए थे। हादसा रात को करीब 9.21 बजे हुआ। उन्हें फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल ले जाया गया था। जहां, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि शनिवार को उनका एम्स में पोस्टमार्टम किया गया। अभी तक ऐसा कोई सुराग नहीं मिला है जिसमें साजिश की आशंका लगती हो।

डीसीपी (साउथईस्ट) आरपी मीना का कहना है कि जॉर्ज की मेडिको लीगल रिपोर्ट उन्हें मिल गई है। मौके का मुआयना भी उनकी टीम ने किया, लेकिन ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है जिसमें घटना को लेकर संदेह गहराता हो। उनका कहना है कि जिस वक्त हादसा हुआ जॉर्ज अपने घर में अकेले थे। सीसीटीवी में वह घर की चौथी मंजिल पर खड़े भी दिख रहे हैं। मीना का कहना है कि अभी घर के सदस्यों के अलावा अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है।

हॉर्वर्ड बिजनेस स्कूल में सीखे प्रबंधन के गुर

दो मार्च 1949 को केरल में जन्मे जॉर्ज मुथूट ने मणिपाल इंस्टीट्यूट से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की थी। उन्होंने हॉर्वर्ड बिजनेस स्कूल में प्रबंधन के गुर सीखे। इसके बाद वह अपने पारिवारिक व्यवसाय मुथूट ग्रुप में आ गए। 1979 में वह इसके प्रबंध निदेशक बने। 1993 में उन्होंने समूह के अध्यक्ष का पदभार संभाला था। जॉर्ज के ग्रुप की कंपनी मुथूट फाइनेंस एनबीएफसी के बीच देश में सोने का कारोबार करने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी बन गई थी। 2020 में जॉर्ज को फोर्ब्स एशिया मैगजीन में 26वां सबसे अमीर व्यक्ति घोषित किया गया था। उन्हें देश का सबसे अमीर मलयाली व्यक्ति होने का गौरव भी हासिल हुआ।

बेटे की हुई थी रोडरेज में हत्या

जॉर्ज के सबसे छोटे बेटे पॉल एम जॉर्ज की 2009 में road rage में हत्या कर दी गई थी। तब उनकी उम्र 32 साल की थी। पॉल NBFC में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर थे। 22 अगस्त 2009 की रात वह केरल की Alappuzha-Changanassery रोज पर जा रहे थे। उनके साथ कार में दो अन्य लोग भी थे। तभी उनकी कार की एक बाइक से भिड़ंत हो गई। पॉल ने अपनी कार नहीं रोकी और वहां से निकल गए।

पॉल की किस्मत खराब थी कि उस दौरान उसी सड़क पर पेशेवर हत्यारों का एक गैंग घूम रहा था। उसे पॉल की यह हरकत अच्छी नहीं लगी कि वो बाइक सवार को मरणासन्न हालत में छोड़कर निकल गया। उन्होंने कार की पीछा करके पॉल को जबरन रोक लिया। दोनों के बीच गहमा गहमी हुई। बदमाशों ने गुस्से में आकर पॉल की हत्या कर दी। इस मामले में CBI कोर्ट ने 9 लोगों को दोषी मानकर सजा सुनाई थी, लेकिन मामला केरल हाईकोर्ट तक गया और वहां से 8 को बरी कर दिया गया।

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