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मुसलमानों में भी उठी हज सब्सिडी के विरोध में आवाज, कहा-गले का फंदा बन गया है, खत्म कर दो इसे

भारत में हज सब्सिडी को लेकर जोरदार बहस जारी है। क्या मुसलमानों को दी जाने वाली हज सब्सिडी को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाना चाहिए? क्या अमीर मुसलमानों को हज यात्रा के लिए सब्सिडी नहीं लेनी चाहिए? क्या हज के लिए सब्सिडी लेना इस्लामिक मान्यताओं के खिलाफ है? इन कई सवालों पर देश […]

अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से हज के लिए जेद्दा रवाना होते मुस्लिम तीर्थयात्री (Source-Express File Photo)

भारत में हज सब्सिडी को लेकर जोरदार बहस जारी है। क्या मुसलमानों को दी जाने वाली हज सब्सिडी को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाना चाहिए? क्या अमीर मुसलमानों को हज यात्रा के लिए सब्सिडी नहीं लेनी चाहिए? क्या हज के लिए सब्सिडी लेना इस्लामिक मान्यताओं के खिलाफ है? इन कई सवालों पर देश में गरमागरम डिबेट हो रही है। इस बीच मुस्लिम नेताओं का कहना है हज सब्सिडी उनके लिए भारी अड़चन बन चुका है और ये सवाल उनके लिए गले का फंदा बन गया है, और इसका जल्द से जल्द खत्म होना बहुत जरुरी है।

साल 2016 में भारत सरकार ने 405 करोड़ रुपये की हज सब्सिडी दी। इस साल लगभग एक लाख मुसलमानों ने भारत सरकार की हज कमेटी के जरिये हज यात्रा की। साल 2017 में 1 लाख 70 लोग हज यात्रा कर सकते हैं, इनमें से 1.25 लाख लोग हज कमेटी के जरिये और 45 हजार निजी ऑपरेटरों के लिए हज यात्रा पर जाएंगे। लेकिन हज पर दी जाने वाला सब्सिडी इस बार कम हो सकती है। क्योंकि केन्द्र सरकार 2012 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए सब्सिडी चुनिंदा लोगों को ही दे रही है। सुप्रीम कोर्ट ने 2012 में निर्देश दिया था कि अगले 10 सालों में हज यात्रा पर सब्सिडी को खत्म किया जाए।

मुस्लिम नेताओं का कहना है कि हज सब्सिडी का बड़ा हिस्सा किराये में ही खर्च हो जाता है। मुस्लिम नेताओं के मुताबिक एअर इंडिया इसके लिए ज्यादा किराया लेती है। अल खालिद टूर एंड ट्रेवल्स के यूसुफ अहमद गुस्से में कहते हैं, ‘हज सब्सिडी मुसलमानों के गले का फंदा बन गया है और इसे खत्म होना चाहिए।’ यूसुफ अहमद कहते हैं कि हज यात्रा के लिए सरकार को वैश्विक टेंडर जारी करना चाहिए इससे हवाई यात्रा का खर्च कम होगा।हज सब्सिडी पर बहस के बाद संसदीय मामलों के सचिव अफजल अमानुल्लाह की अध्यक्षता में पांच सदस्यों की एक कमेटी इस मुद्दे का अध्ययन कर रही है कि क्या ऐसी सब्सिडी का फायदा जरुरतमंदों को मिल पाता है या नहीं, या फिर क्या सब्सिडी को पूर्ण रुप से खत्म कर देने पर पर लोग कम खर्च कर हज यात्रा कर पाएंगे। यूपी सरकार के मंत्री मोहसिन रजा ने भी अमीर मुसलमानों से हज सब्सिडी छोड़ देने की गुजारिश की है।

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- "तीन तलाक इस्लाम से जुड़ा है, आप नहीं दे सकते दखल"

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