ताज़ा खबर
 

आरएसएस के इंद्रेश कुमार ने मुसलमानों को समझाया- मोहम्मद साहब मीट नहीं खाते थे, पर जानिए कुरान में क्या लिखा है

जमात-ए-इस्लामी हिंद के मीडिया प्रभारी अरशद शेख ने आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार के बयान को गलत और भरमाने वाला बताया।

इंद्रेश कुमार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता हैं। (तस्वीर-पीटीआई)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने मंगलवार (पांच जून) को एक इफ्तार पार्टी में इस्लाम के पैगबंर मोहम्मद के बारे में विवादित बयान दिया था। इंद्रेश कुमार ने दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की तरफ से आयोजित इफ्तार में कहा कि पैगंबर मोहम्मद और उनके परिवार के लोग मीट नहीं खाते थे। इंद्रेश कुमार ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद ने मीट की तुलना जहर से की थी। इंद्रेश कुमार के बयान पर तत्काल मुस्लिम समुदाय ने प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोगों के अनुसार इस्लाम के सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथों कुरान और हदीस से इंद्रेश कुमार का बयान गलत साबित होता है।

जमात-ए-इस्लामी हिंद के मीडिया प्रभारी अरशद शेख ने द क्विंट से बातचीत में इंद्रेश कुमार के बयान को गलत और भरमाने वाला बताया। समाचार वेबसाइट द क्विंट ने कुरान और हदीस के उद्धरण देकर कहा है कि इंद्रेश कुमार के बयान का सच से कोई लेना देना नहीं है। द क्विंट पर आकिब रजा खान ने अपने रिपोर्ट में कुरान और हदीस (पैगंबर के समकालीनों के संस्मरण) के हवाले से बताया है कि पैगंबर मोहम्मद और उनके परिवार वाले मीट खाते थे। खान के अनुसार उन्हें अपनी पड़ताल के दौरान पैगंबर मोहम्मद द्वारा मीट की तुलना जहर से किए जाने का कोई सबूत नहीं मिला। खान ने अपनी रिपोर्ट में कुरान की जिन आयतों का हवाला दिया हैं उनका हिन्दी अनुवाद नीचे पेश है। यह अनुवाद हाफिज नज़र अहमद की टीम द्वारा किए गए कुरान के अनुवाद से लिए गए हैं।

कुरान, सूरा-ए-नहल की पाचवीं आयत– “उसी ने चारपायों को भी पैदा किया कि तुम्हारे लिए ऊन (ऊन की खाल और ऊन) से जाड़े का सामान है।” इस सूरा की छठवीं आयात है, “इसके अलावा और भी फायदे हैं और उनमें से कई को तुम खाते हो और जब तुम उन्हें शाम को चराई पर से लाते हो और जब सवेरे ही सवेरे चराई पर ले जाते हो।”

कुरान, सूरा-ए-नहल की सातवीं आयत- “तो उनकी वजह से तुम्हारी रौनक भी है और जिन शहरों तक बगैर बड़ा जान जोखिम में डाले बगैर के पहुंच न सकते थे वहां तक ये चौपाए भी तुम्हारे बोझे भी उठाए लिए फिरते हैं, इसमें कोई शक नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार बड़ा शफीक़ मेहरबान है।” आठवीं आयत, “और (उसी ने) घोड़ों खच्चरों और गधों को (पैदा किया) ताकि तुम उन पर सवार हो और (इसमें) ज़ीनत (भी) है।”

कुरान, सूरा-ए-हूद- आयत 69- “और हमारे भेजे हुए (फरिश्ते) इब्राहिम के पास खुशखबरी लेकर आए और उन्होंने (इब्राहिम को) सलाम किया, (इब्राहिम ने) सलाम का जवाब दिया फिर इब्राहिम बछड़े का भुना हुआ (गोश्त) ले लाए।”

हदीस, सही अल-बुखारी, पैगंबर की पत्नी आयशा- “जब हम मीना (मक्का का पड़ोसी शहर) में थे मेरे पास बीफ लाया गया। मैंने पूछा ये क्या है? उन लोगों ने कहा अल्लाह के दूत (पैगंबर मोहम्मद) ने अपनी बीवियों के वास्ते गाय हलाल की है।”

हदीस, सही अल-मुस्लिम, पैगंबर के साथी जाबिर- “जब वो (पैगंबर मोहम्मद) सिरार (मदीना का एक गांव) पहुंचे तो उन्होंने एक गाय हलाल करने का हुक्म दिया और उसके बाद गाय हलाल की गई और सभी ने खाया।”

हदीस, सही अल-बुखारी, पैगंबर मोहम्मद के साथी अम्र बिन उमैया अद-दामरी- “मैंने अल्लाह के दूत को चाकू से बकरा का कंधा काटते देखा। …जब नमाज के लिए अजान हुई तो वो उठे और चाकू को किनारे रखकर बगैर फिर से वजू किए ही नमाज अदा करने लगे।”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App