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मुस्लिम देशों ने इमरान खान को दी सलाह, मोदी के खिलाफ न बोलें

19 सितंबर को इमरान खान सऊदी अरब के दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे। इसके मद्देनजर मुसलिम देशों के संदेश को अहम राजनयिक गतिविधि माना जा रहा है।

Author नई दिल्ली | Published on: September 17, 2019 2:56 AM
पाकिस्तान मीडिया की खबरें हैं कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने कई अन्य मुसलिम देशों की ओर से संदेश लेकर अपने वरिष्ठ मंत्रियों को बतौर विशेष प्रतिनिधि पाकिस्तान भेजा।

कई मुस्लिम देशों ने पाकिस्तान से कहा है कि वह भारत के साथ अनौपचारिक बातचीत के प्रयास करे। इन देशों ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को यह नसीहत दी है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयानबाजी में संयम बरतें, जुबानी हमले कम करें। पाकिस्तान मीडिया की खबरें हैं कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने कई अन्य मुस्लिम देशों की ओर से संदेश लेकर अपने वरिष्ठ मंत्रियों को बतौर विशेष प्रतिनिधि पाकिस्तान भेजा। 19 सितंबर को इमरान खान सऊदी अरब के दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे। इसके मद्देनजर मुस्लिम देशों के संदेश को अहम राजनयिक गतिविधि माना जा रहा है।

सऊदी अरब के उप विदेश मंत्री आदिल अल जुबैर और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन अल नाहयान तीन सितंबर को इस्लामाबाद दौरे पर अपने नेतृत्व और कुछ अन्य ताकतवर देशों की ओर से संदेश लेकर गए थे। एक्सप्रेस ट्रिब्यून में छपी एक खबर के मुताबिक, दोनों ने प्रधानमंत्री इमरान खान, विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से मुलाकात की। यह बातचीत बेहद गोपनीय थी और विदेश मंत्रालय के केवल शीर्ष अधिकारियों को ही उन बैठकों में जाने दिया गया।

बैठक में सऊदी अरब और यूएई के मंत्रियों ने यह इच्छा जताई कि पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव कम करने के लिए वे भूमिका निभाना चाहते हैं। इनमें से एक प्रस्ताव दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे से बातचीत का भी था। मध्यस्थों ने यह इच्छा जताई कि कश्मीर में कुछ पाबंदियों में ढील देने के लिए वह भारत को राजी करना चाहते हैं, साथ ही पाकिस्तान से अनुरोध किया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले बंद करे। प्रधानमंत्री इमरान खान से अनुरोध किया गया कि वह अपने भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी के खिलाफ जुबानी हमले कम करें।

हालांकि, पाकिस्तान ने उनके अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया और साफ किया कि वह भारत के साथ पारंपरिक कूटनीति तभी करेगा, जब नई दिल्ली कुछ शर्तों पर राजी हो जाए। इन शर्तों में कश्मीर से कर्फ्यू व अन्य पाबंदियां हटाना शामिल हैं।

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