पानी के बदले पिटाई: यति नरसिंहानंद सरस्वती, बोले- उसे मंदिर ही क्यों दिखा? अंदर आने पर उठाए सवाल

गाजियाबाद के एक मंदिर में बच्चे की पिटाई के मामले में परिजनों का कहना है कि वह वहां पानी पीने गया था, जबकि गांव वाले और मंदिर के महंत का कहना है कि वह छेड़खानी करने और लूटपाट के इरादे से आया था।

Ghaziabad, dasna, temple disputeअखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक और शिव शक्ति धाम डासना के संत यति नरसिंहानंद सरस्वती। (फोटो सोर्स-फेसबुक)

यूपी के गाजियाबाद में एक मंदिर में पानी पीने गए एक बच्चे की पिटाई के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक और शिव शक्ति धाम डासना के संत यति नरसिंहानंद सरस्वती का कहना है कि बच्चा मुस्लिम संप्रदाय का है और मंदिर में मुस्लिम संप्रदाय के लोगों के आने पर मनाही है। बाहर बोर्ड पर यह लिखा भी है। उनका कहना है कि जब मंदिर के बाहर नल है, सड़क पार करने पर नल है और पास ही स्थित पंचायत भवन में पानी पीने की सार्वजनिक व्यवस्था है, फिर भी वो लड़का मंदिर के भीतर पानी पीने क्यों आया?

इस मुद्दे को लेकर मीडिया के कुछ लोगों ने जब महंत से बात की तो उन्होंने कहा कि इस मंदिर में आसपास के कई गांवों के लोगों की श्रद्धा है और बड़ी संख्या में बहू-बेटियां दर्शन के लिए आती हैं, जिनके साथ ये लोग छेड़खानी करते हैं। उन्होंने कहा कि “अगर कोई हिन्दू लड़का इस तरह की हरकत करता है तो परिवार उसे डांटता है और चेतावनी देता है, लेकिन मुस्लिमों के मामले में ऐसा नहीं है और जब उनके युवकों की छेड़खानी की शिकायत लेकर उनके परिजनों के पास विरोध दर्ज कराया जाता था तो मुस्लिम समाज के कई लोग उसके बचाव में आ जाते थे, जिनमें कई बुजुर्ग भी होते थे। उन्होंने बताया कि इन्हीं चीजों से परेशान होकर ‘मुस्लिमो का प्रवेश वर्जित’ वाला बोर्ड लगाया गया है।”

मामला यूपी के गाजियाबाद जिले के डासना इलाके का है। यहां स्थित एक देवी मंदिर में एक बच्चे की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ है। बच्चे के परिजनों का कहना है कि वह मंदिर में पानी पीने गया था, जबकि गांव वाले और मंदिर के महंत का कहना है कि वह छेड़खानी करने और लूटपाट के इरादे से आया था। महंत का कहना है कि यहां पहले भी ऐसा हो चुका है। इसका विरोध करने पर उनसे पहले के महंतों को या तो पीट कर भगा दिया गया या मार डाला गया। यति नरसिंहानंद सरस्वती ने मुस्लिमों की बढ़ती जनसंख्या पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस क्षेत्र में 95% मुस्लिम हैं और हिन्दू मात्र 5% बचे हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में पैदा ही क्यों किए जा रहे हैं? उन्होंने जानकारी दी कि उनके महंत रहते इस मंदिर में 4 बार डकैती की घटनाएं हो चुकी हैं।

उन्होंने पूछा कि जब मंदिर के बाहर नल है, सड़क पार करने पर नल है और पास ही स्थित पंचायत भवन में पानी पीने की सार्वजनिक व्यवस्था है, फिर भी वो लड़का मंदिर के भीतर पानी पीने क्यों आया? यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा कि स्थानीय ही नहीं बल्कि वो दुनिया के सभी मुस्लिमों का यहां स्वागत करते हैं, वो आएं और महादेव व माता के विधि-विधानों के हिसाब से पूजा करें। उन्होंने कहा कि वो अपने मस्जिद में हमें हवन-यज्ञ करने के लिए आमंत्रित करें।

उन्होंने साफ तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि हमारी बहन-बेटियों के साथ छेड़खानी करने के लिए, हिन्दू प्रतिमाओं को अपमानित करने के लिए और उनकी रेकी कर के हत्या की साजिश के लिए कोई आएगा, तो ये बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि वो 24 घंटे खतरे में जी रहे हैं क्योंकि PFI से उन्हें धमकियां मिलती रहती हैं व स्थानीय मुस्लिमों ने पंचायत कर के उनकी हत्या का फरमान सुनाया है। उन्होंने बताया कि जब उनकी हत्या में वो असफल रहे तो गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के डासना इलाके में दूधिया पीपल गांव में भाजपा के स्थानीय मंडल अध्यक्ष बीएस तोमर की हत्या कर दी गई।

Next Stories
1 गोहत्या से परिवारवाद तक…मुद्दे गिना पैनलिस्ट का कांग्रेस पर निशाना- INC के लबों पर गांधी, पर दिल में थे गोडसे
2 पीएम मोदी के मुख्य सलाहकार पीके सिन्हा का इस्तीफा, बताई ये वजह
3 BJP वाले मांगें 1 मुट्ठी चावल, तो किसान करें MSP की मांग- बंगाल चुनाव के बीच BKU के टिकैत का बयान
यह पढ़ा क्या?
X