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‘नमामि गंगे’ पर जोशी के बोल, अगले 50 साल में भी साफ नहीं हो सकेगी नदी

वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने महत्त्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘नमामि गंगे’ पर अपनी पार्टी की अगुआई वाली केंद्र सरकार से अलग रुख अख्तियार करते हुए शुक्रवार को कहा कि गंगा नदी की सफाई के लिए...

Author June 6, 2015 8:51 AM

जनसत्ता संवाददाता

वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने महत्त्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘नमामि गंगे’ पर अपनी पार्टी की अगुआई वाली केंद्र सरकार से अलग रुख अख्तियार करते हुए शुक्रवार को कहा कि गंगा नदी की सफाई के लिए जिस तरह से परियोजना चलाई जा रही है, उससे अगले 50 साल में भी नदी साफ नहीं हो सकेगी।

स्वच्छ गंगा परियोजना पर अपनी आपत्तियां जताते हुए जोशी ने कहा, ‘जब तक नदी में निर्बाध जल प्रवाह नहीं होता, गंगा की सफाई दूर का सपना होगा। जिस तरह नदी को छोटे हिस्सों में बांटकर, छोटे जलाशयों में बदलकर इसकी सफाई की जा रही है, नदी अगले 50 साल में भी साफ नहीं हो सकती’। उन्होंने कहा कि गंगा हमारी जीवनरेखा है और गंगा पर मंडराया कोई खतरा हमारी संस्कृति और परंपरा के लिए खतरनाक होगा।

जोशी ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की अंतर्देशीय जलमार्ग परियोजना पर सवाल उठाए जिसमें भारी उत्पादों की ढुलाई के लिए गंगा नदी में बड़े-बड़े पोत चलाने की बात की गई है। उन्होंने कहा, ‘गंगा में जहाज चलाना तो दूर, बड़ी नाव भी नहीं चल पाएगी, इस योजना को लागू करने से पहले गंगा की मौजूदा स्थिति की जांच करा लें’।

जोशी ने जहाजरानी मंत्रालय से पहले नदी की मौजूदा स्थिति और उसके भौगोलिक क्षेत्र पर गौर करने, फिर परियोजना के कार्यान्वयन पर फैसला करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पंडित मदनमोहन मालवीय ने नदी में जल प्रवाह को कायम रखने के लिए अंग्रेजों से संघर्ष किया था और यहां तक कि हरिद्वार में गंगा नदी में सतत प्रवाह का न्यूनतम स्तर कायम रखने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए बाध्य कर दिया था। इसका अंग्रेजों के शासनकाल तक पालन होता था। लेकिन अब इसकी उपेक्षा की जा रही है।

इस बीच द्वारिका और ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती भी मुरली मनोहर जोशी के समर्थन में सामने आए हैं। शंकराचार्य ने कहा कि गंगा सफाई को लेकर जो साहसिक कदम मुरली मनोहर जोशी ने उठाया है, वह बिलकुल सही है। वे शुक्रवार को हरिद्वार के उपनगर कनखल स्थित मठ में पत्रकारों से बात कर रहे थे।

सरस्वती ने कहा कि गंगा नदी को उत्तराखंड से लेकर बनारस तक कई जगह बांध दिया गया है। जिससे गंगा में अब जल ही नहीं रह गया तो ऐसी स्थिति में जहाज कहां से चलेंगे। उन्होंने कहा कि नदी की शुद्धि उसके वेग से होती है जब उसके जल में वेग ही नहीं होगा तो कहां से उसके जल की शुद्धि होगी।

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