मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर सोमवार तड़के हुए भूस्खलन के बाद मिसिंग लिंक सेक्शन में मुंबई से पुणे जाने वाली लेन पर यातायात बहाल कर दिया गया है। मानसून के कारण हुए भूस्खलन से 6,695 करोड़ रुपये की मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे परियोजना का कुछ हिस्सा आज ठप हो गया। इसके बाद महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने इसका कारण प्रकृति को बताते हुए इसे ईश्वरीय घटना करार दिया।
एमएसआरडीसी के उपाध्यक्ष अनिल कुमार गायकवाड़ ने कहा, “यह ठेकेदार की गलती नहीं है, यह प्रकृति का प्रकोप है।” महाराष्ट्र निगम ने कहा कि भूस्खलन का मुकाबला करने के लिए उपाय और योजनाएं मौजूद थीं लेकिन एक हद तक।
भारी बारिश किसी प्राकृतिक आपदा के समान
इसे ईश्वरीय घटना बताते हुए एमएसआरडीसी के एक अन्य अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान कहा, “पत्थर गिरने से बचाव के उपाय लागू हैं जिनकी जांच आईआईटी-बॉम्बे ने की है। इसमें सुरंग के ऊपर पहाड़ पर 15 मीटर की ऊंचाई तक चट्टानों को रोकने के लिए जाली लगाना शामिल है लेकिन गिरते हुए पत्थर लगभग 150 मीटर की ऊंचाई से आ रहे हैं। इतनी भारी बारिश किसी प्राकृतिक आपदा के समान है जिसे रोकने के लिए कुछ खास नहीं किया जा सकता।”
अधिकारी ने आगे कहा, “बारिश रुकने के बाद हम चट्टान का निरीक्षण करेंगे और देखेंगे कि क्या जाली को और भी अधिक ऊंचाई तक बढ़ाना संभव है, हालांकि यह एक महंगा काम होगा और इसके लिए जंगल से होकर गुजरना पड़ेगा।”
सुरंग को कोई संरचनात्मक क्षति नहीं हुई
एमएसआरडीसी ने कहा कि भूस्खलन के कारण सुरंग को कोई संरचनात्मक क्षति नहीं हुई है और ठेकेदार ने सभी निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन किया था। एमएसआरडीसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि आईआईटी बॉम्बे द्वारा बताए गए उपायों के बाद सुरंग के ऊपर की ढलान को रॉक बोल्ट, स्टील मेश और अन्य सुरक्षा उपायों का उपयोग करके स्थिर किया गया है। एक अधिकारी ने कहा, “सुरंग के प्रवेश द्वार से लगभग 15 मीटर ऊपर तक सुरक्षा उपाय किए गए हैं और वे अभी भी सुरक्षित हैं। गिरी हुई चट्टानें पहाड़ी की काफी ऊंचाई से आई थीं। जब इतनी तीव्र बारिश होती है तो इंजीनियरिंग की भी अपनी सीमाएं होती हैं।”
अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा प्रणालियों ने चट्टान गिरने के असर को कम करने में मदद की, साथ ही यह भी कहा कि अगर सुरक्षा उपाय नहीं होते तो गिरने वाले पत्थरों से होने वाला नुकसान और भी बदतर हो सकता था।
पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक रोक दिया गया था
गौरतलब है कि भारी बारिश के चलते सोमवार तड़के पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक रोक दिया गया था। लगातार हो रही भारी बारिश से पानी भरने के कारण मिसिंग लिंक (कनेक्टिंग लिंक) सेक्शन में भूस्खलन हुआ और वहां बनी सपोर्ट वॉल क्षतिग्रस्त हो गई। राज्य राजमार्ग पुलिस के अनुसार, भूस्खलन सोमवार तड़के एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक सेक्शन में पुणे से मुंबई जाने वाली लेन पर पहली टनल के अंत में हुआ।
एमएसआरडीसी उपाध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि भारी बारिश के कारण ऊपर से कुछ चट्टानें खिसक गईं जिससे सुरंग 2 का प्रवेश द्वार अवरुद्ध हो गया। उन्होंने कहा, “तेज बारिश के कारण, सुरंग 2 के सामने ऊपर से बड़े-बड़े पत्थर गिर गए। सुरंग की संरचना प्रभावित नहीं हुई है लेकिन सुरंगों के किनारों पर निर्मित बाहरी ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया है।”
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सोमवार तड़के हुए भूस्खलन के बाद मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक सेक्शन में मुंबई से पुणे जाने वाली लेन पर यातायात बहाल कर दिया गया है। हालांकि, पुणे से मुंबई जाने वाला मार्ग अभी भी बंद है। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
