मुंबई पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के दो अक्टूबर को शिवाजी पार्क में किए गए विरोध प्रदर्शन के मामले में आयोजकों और 400-500 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शिवाजी पार्क थाने के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि गैरकानूनी जमावड़ा सहित अन्य अपराधों के लिए भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस अफसर ने बताया कि एफआईआर शिवाजी पार्क इलाके में रहने वाले एक शख्स की शिकायत पर दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि इस मामले में अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है और जांच जारी है।
सीजेपी ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में गड़बड़ियों का आरोप लगाया है। सीजेपी ने इसे लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए शुक्रवार को शिवाजी पार्क में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था।
पुलिस ने नहीं दी थी अनुमति
मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने शोर-शराबे से होने वाले प्रदूषण, ट्रैफिक जाम को लेकर चिंता जताई थी। इसके बाद अभिजीत दीपके ने ‘जेल भरो आंदोलन’ का आह्वान किया और प्रदर्शनकारियों से कहा था कि वे मुंबई के शिवाजी पार्क में इकट्ठा हो जाएं।
स्थानीय निवासी और वकील सिद्धि देवलेकर ने शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में सीजेपी के कार्यकर्ताओं- अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका, सौरव दास और रत्ना सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि इन्होंने अनुमति न मिलने के बावजूद शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन किया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में सिद्धि देवलेकर ने बताया कि सीजेपी नेताओं दीपके, रांका, सौरव दास और रत्ना सिंह और अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता ने बॉम्बे हाई कोर्ट के 4 जनवरी 2013 के PIL 116/2009 के फैसले और उसके बाद महाराष्ट्र सरकार के आदेश से लगी पाबंदियों का भी जिक्र किया है।
देवलेकर ने आरोप लगाया कि जो लोग संविधान के लिए लड़ने का दावा कर रहे हैं, वे ही बॉम्बे हाई कोर्ट के अधिकार को चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी विचारधारा, कोई भी राजनीतिक अभियान और व्यक्ति संविधान और कानून से ऊपर नहीं है। शिकायतकर्ता ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन बॉम्बे हाई कोर्ट का अपमान है।
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महाराष्ट्र के लातूर में छात्रों ने शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि दीपके ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले के खिलाफ लड़ाई को बीच में ही छोड़ दिया। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
