मुंबई में बुधवार दोपहर को समुद्र के नीचे बनी भारत की पहली सुरंग में एक कार में आग लग गई। कार में आग लगने की वजह से सुरंग में ट्रैफिक करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक रुका रहा।

द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, कार में आग दोपहर करीब 12.25 लगी, जिस वजह से अन्य वाहन चालक घबरा गए और अपने वाहन छोड़कर भागने लगे। जली हुई कार को हटाने के बाद मुंबई कोस्टल रोड प्रोजेक्ट दोपहर 1.30 बजे खोल दी गई।

सुरंग में आग लगने की घटना के बारे में जानकारी देते हुए जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ट्रैफिक) सत्यनारायण चौधरी ने बताया कि घटना के तुरंत बाद ब्रीच कैंडी से नरीमन पॉइंट की ओर जाने वाली टनल को बंद कर दिया गया।

उन्होंने कहा, “एक कार में आग लगने के बाद ब्रीच कैंडी से नरीमन पॉइंट तक जाने वाली कोस्टल रोड टनल को बंद कर दिया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है।”

मुंबई फायर ब्रिगेड के अनुसार, कार में लगी आग 20 मिनट के अंदर बुझा दी गई थी लेकिन ट्रैफिक के लिए लेन खोलने में लगभग एक घंटा लग गया। दक्षिण मुंबई के तारदेव ट्रैफिक डिवीन के एक बयान में जानकारी दी गई है कि आग बुझाने के बाद क्रेन की मदद से जली हुई कार को टनल से हटा दिया गया। अब साउथ-बाउंड और नॉर्थ-बाउंड दोनों लेन पर ट्रैफिक फिर से शुरू हो गया है।

हालांकि, सुरंग खुलने के बाद भी यातायात की गति बहुत धीमी थी। घटनास्थल से मिले वीडियो में लोग अपनी गाड़ियों से उतरकर आग से भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। जिस दक्षिण की ओर जाने वाली लेन पर आग लगने की सूचना मिली थी, उसे बंद कर दिया गया था।

सुरंग में फंसे यात्री वीरन शाह ने बताया, “मैं वर्ली से मरीन ड्राइव की ओर सुरंग से होते हुए अपनी दुकान जा रहा था, तभी मैंने देखा कि आग की लपटें हमारी कार की ओर बढ़ रही हैं। आग मेरी कार से 100 फीट से भी कम दूरी पर थी… हमें समझ नहीं आ रहा था कि बाहर निकलने का रास्ता कहां से है। लोग अपनी कारें छोड़कर वर्ली की ओर भागने लगे। मैंने भी अपनी कार छोड़ी और भागना शुरू कर दिया। मैं बड़ी मुश्किल से भाग पा रहा था क्योंकि कई कारें भी पीछे हटकर एग्जिट की ओर आ रही थीं।” उन्होंने कहा कि सुरंग के अंदर साइनबोर्ड और उचित आपातकालीन निकास द्वारों की कमी थी।

घटना के समय मौके पर मौजूद एक अन्य यात्री ने एक्स पर घटना से संबंधित वीडियो पोस्ट किए। उन्होंने लिखा, “मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा। हम वर्ली की तरफ से कोस्टल रोड सुरंग में दाखिल हुए और कुछ ही मिनटों में सैकड़ों लोग हमारी तरफ दौड़ते हुए दिखाई दिए। मैंने एक व्यक्ति से पूछा कि क्या हुआ है, तो उसने बस इतना कहा, ‘आगे आग लगी है’। मुझे ठीक से पता नहीं कि किस चीज में आग लगी थी या जब हम वहां पहुंचे तब तक वहां आग लगी भी थी या नहीं, लेकिन कई लोगों ने सुरंग के अंदर अपनी गाड़ियां छोड़ दीं और बाहर भाग गए। फंसी हुई गाड़ियों ने पीछे आने वाले सभी लोगों के लिए निकलने का रास्ता अवरुद्ध कर दिया, जिससे पूरी तरह से अफरा-तफरी मच गई।”

संयुक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) सत्यनारायण चौधरी ने बताया कि ब्रीच कैंडी से नरीमन प्वाइंट तक जाने वाली तटीय सड़क सुरंग को कार में आग लगने के कारण बंद कर दिया गया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि दोपहर 1:30 बजे तक सुरंग के अंदर यातायात सामान्य हो गया था।

भारत की पहली समुद्री सुरंग में सुरक्षा

मुंबई कोस्टल रोड (या धर्मवीर स्वराज्य रक्षक छत्रपति संभाजी महाराज मुंबई कोस्टल रोड) एक 8-लेन ग्रेड-पृथक एक्सप्रेसवे है जो दक्षिण मुंबई में मरीन लाइन्स को उत्तर में कांदिवली से जोड़ता है।

मुंबई कोस्टल रोड की दो सुरंगें 2.07 किलोमीटर लंबी हैं, जिनमें से लगभग 1 किलोमीटर अरब सागर के नीचे और शेष भाग मालाबार हिल के नीचे से गुजरता है। इस प्रकार ये भारत की पहली समुद्री सुरंगें हैं। ये सुरंगें 10.58 किलोमीटर लंबी मरीन ड्राइव-वर्ली कोस्टल रोड का हिस्सा हैं और ब्रीच कैंडी के पास प्रियदर्शनी पार्क क्षेत्र को मरीन ड्राइव से जोड़ती हैं। ये सुरंगें हाजी अली इंटरचेंज के पास परिचालन गलियारे के हिस्से के रूप में निकलती हैं।

इनमें उन्नत सुरक्षा सुविधाओं का समावेश किया गया था, जिनमें धुआं निकालने के लिए सैकार्डो वेंटिलेशन सिस्टम, अग्निशमन प्रणाली, दबावयुक्त फायर मेन, आपातकालीन क्षेत्र और आपात स्थिति के दौरान निकलने के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए सुरंगों को जोड़ने वाले क्रॉस पैसेज शामिल हैं।

आग से सुरक्षा के लिए, सुरंगों में स्वचालित अग्नि पहचान प्रणाली के साथ-साथ पोर्टेबल अग्निशामक यंत्र, दबावयुक्त फायर हाइड्रेंट और धुएं को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त वेंटिलेशन प्रणाली लगाई गई है।

भारत का पहला सैकार्डो वेंटिलेशन सिस्टम ( Saccardo Ventilation System)

जहां अधिकांश सुरंगों में वेंटिलेशन के लिए जेट पंखे लगाए जाते हैं। वहीं एमसीआरपी सुरंग में सैकार्डो वेंटिलेशन सिस्टम लगाया गया है, जो पूरी सुरंग में ताजी हवा पहुंचाता है और धुएं और धूल को दूर करता है। वेंटिलेशन में सहायता करने के अलावा, सैकार्डो सिस्टम आग लगने की स्थिति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आग लगने पर यह सिस्टम उच्च दबाव उत्पन्न करता है, जिससे धुआं बाहर निकल जाता है। इसके बाद, फायर हाइड्रेंट का उपयोग करके आग बुझाई जा सकती है।

नोएडा के ममूरा गांव में पांच मंजिला इमारत में लगी भीषण आग, 50 परिवारों के फंसने की आशंका

नोएडा के फेस 3 थाना क्षेत्र के सेक्टर 66 स्थित ममूरा गांव में भीषण आग लग गई है। आग 5 मंजिला इमारत में लगी है। 50 परिवारों के फंसने की आशंका जताई गई है। मौके पर फायर विभाग की टीम पहुंची है और आग पर काबू पाने का प्रयास कर रही है। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बाइक में इलेक्ट्रिक स्पार्किंग की वजह से आग लगी है। इस घटना में 2 लोगों के मौत की आशंका जताई गई है। पढ़ें पूरी खबर।

(इंडियन एक्सप्रेस के लिए नयनिका बोस और मनीष कुमार पाठक की रिपोर्ट)