मायानगरी मुंबई में मौसम का मिजाज बदल गया है। तपती धूप और उमस के बाद लोगों को अब भीषण गर्मी से राहत मिली है। करीब 13 दिनों की देरी के बाद मानसून ने मौसम को सुहावना बना दिया है।
बुधवार सुबह हुई झमाझम बारिश ने लोगों के चेहरों पर मुस्कान ला दी। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून अब मुंबई सहित महाराष्ट्र के दूसरे हिस्सों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। वहीं, बुधवार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कई जगहों पर तेज आंधी आने की भी संभावना जताई गई है।
मुंबई और मानसून का इतिहास
जानकारी के लिए बता दें कि मुंबई में मानसून के पहुंचने की सामान्य तारीख 10 जून मानी जाती है। हालांकि, मुंबई का इतिहास ऐसा रहा है कि यहां मानसून कभी देरी से तो कभी समय से पहले दस्तक देता है। उदाहरण के लिए, पिछले साल मानसून 75 वर्षों में सबसे पहले, यानी 26 मई को ही पहुंच गया था। वहीं, 2019 और 2023 का रिकॉर्ड देखें तो उन वर्षों में मानसून ने 25 जून को दस्तक दी थी।
आफत लाया मानसून
दिलचस्प बात यह है कि 1981 में भी मानसून ने 23 जून को ही दस्तक दी थी। एक बार फिर 23 जून के आसपास मुंबईवासियों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। अब लोगों को भीषण गर्मी से जरूर राहत मिली है, लेकिन थोड़ी सी बारिश ने मुंबई को एक बार फिर रोक दिया है। कई जगह जाम की स्थिति है, अंधेरी सब-वे बंद हो चुका है और मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है।
दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को ही मौसम का मिजाज बदल गया था। दोपहर में तेज आंधी और झमाझम बारिश ने तापमान में गिरावट ला दी। वहीं, पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम ने करवट ली है। दार्जिलिंग में भूस्खलन की वजह से सिक्किम जाने वाली सड़क बाधित हो गई है। वहां पहाड़ से गिरे मलबे को हटाने का काम जारी है और पर्यटकों से फिलहाल वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की गई है।
