महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बुधवार तड़के हुई भारी बारिश के बीच कुर्ला के चिराग नगर इलाके में भूस्खलन हादसा हो गया। गौसिया चॉल, राठौड़ मेडिकल के पास करीब सुबह 3:48 बजे हुए भूस्खलन के बाद बड़ी मात्रा में मलबा गिर गया, जिसके नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका है। राहत और बचाव दल मौके पर लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसे के बाद मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की गई। रेस्क्यू टीमों ने छह शव बरामद किए हैं। वहीं, अलग-अलग शुरुआती आकलनों में कई अन्य लोगों के फंसे होने की बात सामने आई थी। हालांकि, अंतिम संख्या की पुष्टि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस, बीएमसी और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर

भूस्खलन हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस के साथ-साथ बीएमसी, एनडीआरएफ और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। मलबे को हटाकर उसमें फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। बचाव अभियान के दौरान किसी और हिस्से के खिसकने की आशंका को देखते हुए भी सावधानी बरती जा रही है।

डीसीपी गणेश शिंदे ने बताया कि बारिश के कारण अशोकनगर इलाके में भी भूस्खलन की घटना हुई है और पुलिस तथा अन्य एजेंसियां बचाव अभियान में जुटी हैं। उनके मुताबिक, घटनास्थल पर पुलिसकर्मियों के साथ बीएमसी, एनडीआरएफ और अन्य जरूरी टीमें तैनात हैं।

पहले भी दिए गए थे नोटिस

घटना के बाद प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाके में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मौके पर मौजूद नामित अधिकारी गजानन जैतपकर के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र के कुछ मकानों को पहले भी नोटिस दिए जा चुके थे। अधिकारियों के मुताबिक, मानसून से पहले भी कई घरों को नोटिस जारी किए गए थे।

जैतपकर ने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता राहत और बचाव कार्य है। इसके बाद प्रभावित इलाके के संबंध में आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर यहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा सकता है।

बारिश बनी भूस्खलन की बड़ी वजह

मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच पहाड़ी और ढलान वाले इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। बीएमसी के आपदा प्रबंधन दस्तावेजों में भी मुंबई के कई ढलान वाले और पहाड़ी इलाकों को भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील बताया गया है। भारी बारिश के दौरान इन इलाकों में मिट्टी खिसकने का खतरा बढ़ जाता है।

कुर्ला के चिराग नगर में हुआ हादसा भी इसी बारिश के बीच हुआ है। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे के नीचे फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालने और इलाके में किसी और अप्रिय घटना को रोकने पर है।

मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं। घटनास्थल पर भारी मशीनरी और आपदा राहत टीमों की मदद ली जा रही है। दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अन्य संभावित पीड़ितों की तलाश जारी है।

प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे घटनास्थल से दूर रहें और बचाव अभियान में जुटी टीमों को पर्याप्त जगह दें। फिलहाल हादसे में फंसे लोगों की सही संख्या और उनकी स्थिति को लेकर रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।