12 अगस्त महिला बाइकर्स रैली के दौरान बालोद जिले में एक हिट-एंड-रन मामले में मुंबई की 24 वर्षीय बाइकर रिद्धि ठक्कर की मौत हो गई थी। छत्तीसगढ़ पुलिस इस मामले में यह भी पता लगा रही है कि क्या इस हादसे में रैली के आयोजकों की तरफ से कोई लापरवाही या चूक हुई थी।
इस हादसे के बाद सोशल मीडिया पर बाइकर्स और रिद्धि के दोस्तों में भारी गुस्सा देखने को मिला। वे रिद्धि को एक बहुत अच्छी राइडर बताते हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने वीडियो पोस्ट करके आयोजकों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े किए और छत्तीसगढ़ के ‘वीमेन राइडर्स क्लब’ के साथ-साथ रैली में शामिल अन्य महिला राइडर्स से जवाब मांगा है।
रिद्धि की मौत पर सवाल खड़ा करने वालों को जवाब देने के लिए भी कुछ वीडियो सामने आए। इनमें नंदिनी टिट्रे और सिद्रा खान का वीडियो भी शामिल है। ये दोनों उन 22 महिला बाइकर्स के ग्रुप में शामिल थीं। अपने इंस्टाग्राम वीडियो में दोनों ने कहा कि इस हादसे से उन्हें भी बहुत दुख हुआ, लेकिन इसके लिए उन्हें दोषी ठहराना गलत है।
नंंदिनी ट्रिट्रे बोलीं- दो हादसों के बाद रद्द की रैली
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बात करते हुए नंदिनी टिट्रे ने कहा, “इस ग्रुप में नागपुर, पुणे, भोपाल और छत्तीसगढ़ के राइडर्स शामिल थे। 12 अगस्त को हम सुबह करीब 3:45 बजे रायपुर से कांकेर के लिए निकले। सुबह करीब 4:30 बजे, भोपाल के एक राइडर का एक्सीडेंट हो गया क्योंकि सड़क पर एक जानवर आ गया था। तभी नागपुर की एक राइडर, जो एवेंजर बाइक चला रही थी, उनसे टकरा गई। दोनों राइडर्स को बैकअप वैन में ले जाया गया। सुबह करीब 5:20 बजे एक और एक्सीडेंट हुआ और हमें इसके बारे में सुबह 5:26 बजे कॉल आया। हमारे ग्रुप में 16 बाइक थीं, इसलिए हम घाट पर रुक नहीं सकते थे। हमारी सभी बाइक घाट के आखिर में 20 मिनट तक रुकीं। हम आगे बढ़े और करीब 30 किमी दूर नाश्ते की जगह पर रुके। दो एक्सीडेंट के बाद हमने अपनी रैली रद्द करने का फैसला किया। सुबह करीब 9:07 बजे हमारे राइडर ने हमें बताया कि रिद्धि की मौत हो गई है।”
नंदिनी टिट्रे ने जिस दूसरे हादसे का जिक्र किया था, वह दरअसल रिद्धि का ही एक्सीडेंट था। उस वक्त रिद्धि वही एवेंजर बाइक चला रही थीं। इसी पर रिद्धि के पिता दिव्येश ने सवाल उठाया कि हादसे के समय वह अपनी खुद की बुलेट चलाने के बजाय एवेंजर बाइक क्यों चला रही थी। इस रैली का आयोजन अमिता बैस और छाया सिंह ने अपने क्लब वूमेन राइडर्स क्लब के जरिए किया। अमिता ने बताया कि यह उनकी पहली रैली थी।
कैसे हुआ हादसा?
हादसा कैसे हुआ और रिद्धि एवेंजर बाइक क्यों चला रही थी, इस बारे में बताते हुए अमिता ने कहा, “मैं उसके पीछे लगभग 50 फीट की दूरी पर गाड़ी चला रही थी क्योंकि मैं रैली में सबसे पीछे चल रही थी। जहां हादसा हुआ, वहां C-शेप का मोड़ था, वह एक ‘ब्लाइंड स्पॉट’ था। सामने से आ रहे एक ट्रक ने उसे टक्कर मारी और वहां से भाग गया। यह सब तीन-चार सेकंड में ही हो गया। मैंने लीड राइडर को फोन किया, और हमने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और सात-आठ मिनट के अंदर रिद्धि को अस्पताल पहुंचाया।”
हादसे से पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हुए अमिता ने कहा, “पहले हादसे के बाद एवेंजर का ब्रेक लीवर ढीला हो गया था और रिद्धि उसे चलाना चाहती थी। हमने उसे दो-तीन बार समझाया कि हम उसे ऐसा करने की इजाजत नहीं दे सकते और उसे चलाने की कोई जरूरत नहीं है, हम उसे टो करवा सकते हैं, लेकिन वह जिद करती रही। छाया ने भी बाइक का हैंडल पकड़ लिया था ताकि रिद्धि उसे न चला पाए, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही। क्योंकि वह एक अनुभवी और कुशल राइडर थी और मुंबई से बाइक चलाकर आई थी, इसलिए हम उसे नाराज नहीं करना चाहते थे क्योंकि यह हमारी रैली का पहला दिन था। उसने एवेंजर को 20 से 25 किलोमीटर से ज्यादा चलाया, जिसके बाद हादसा हो गया। हमें उस बाइक को लगभग 20 किलोमीटर और चलाने के बाद छोड़ने वाले थे।”
रिद्धि के हैलमेट पर लगा था GoPro कैमरा
रैली में शामिल कुछ महिला बाइकर्स ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रिद्धि एक ब्लॉगर थीं और सफर के दौरान अपने हेलमेट पर GoPro कैमरा लगाकर वीडियो बना रही थीं। बालोद जिले के एसपी किरण चव्हाण ने कहा, “हमने एक अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ FIR दर्ज की थी। हम आयोजकों की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं।”
द इंडियन एक्सप्रेस ने जब मंगलवार को रिद्धि के पिता से संपर्क किया तो उन्होंने कहा, “हमें नहीं पता की हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है। लेकिन हमारा परिवार अभी तक इस नुकसान से उभर नहीं पाया है।
अमिता ने बताया कि हादसे के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर बहुत ट्रोल किया गया और दोषी ठहराने वाले कई परेशान करने वाले मैसेज मिले। उन्होंने कहा कि भले ही ‘वुमन राइडर्स क्लब’ की यह पहली रैली थी, लेकिन वे पहले भी 5 बाइक रैलियां आयोजित कर चुकी हैं और सुरक्षा नियमों का हमेशा सख्ती से पालन करती हैं।
हादसे वाली रात अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। यह मामला BNS की धारा 106(1) (लापरवाही से मौत), धारा 281 (सड़क पर लापरवाही से गाड़ी चलाना) और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 (खतरनाक ड्राइविंग) के तहत दर्ज हुआ। आरोपी ट्रक ड्राइवर को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
यह भी पढ़ें: चंडीगढ़ में टल गया ‘पेट्रोल लंगर’, लाइन में लगे लोग बोले- 2 घंटे से हूं कुछ नहीं मिला, कारोबारी ने मांगी माफी
चंडीगढ़ में मंगलवार शाम 5 बजे पेट्रोल लंगर की खबर फैलते ही लोग बताए गए पेट्रोल पंपों पर लाइन लगा लिए, लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें निराशा हाथ लगी। सोशल मीडिया पर राकेश त्रेहान नाम के एक व्यक्ति ने घोषणा की थी कि चंडीगढ़ के सेक्टर-10 और सेक्टर-7 के दो पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल लंगर लगाए जाएंगे। हालांकि जब लोग पहुंचे तो उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। यहां पढ़ें पूरी खबर…
