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जन्मदिन पर बग्गी में सवार हुए मुलायम, आज़म ने कहा- तालिबान के पास से आया धन

समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने अपने 75वें जन्मदिन के मौके पर आयोजित उत्सव में विदेश से आयातित विक्टोरियाई शैली की ‘बग्गी’ में सवारी की। हालांकि पार्टी के ही नेता आजम खान ने इस कार्यक्रम में खर्च हुए धन के बारे में यह कहते हुए विवाद खड़ा कर दिया कि यह धन आतंकी […]

Author November 22, 2014 12:35 PM
केक काटे जाने के बाद पांच हजार लोगों को कंबल बांटने का कार्यक्रम था।

समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने अपने 75वें जन्मदिन के मौके पर आयोजित उत्सव में विदेश से आयातित विक्टोरियाई शैली की ‘बग्गी’ में सवारी की। हालांकि पार्टी के ही नेता आजम खान ने इस कार्यक्रम में खर्च हुए धन के बारे में यह कहते हुए विवाद खड़ा कर दिया कि यह धन आतंकी संगठन तालिबान और दाउद इब्राहिम के पास से आया है।

मुलायम, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अलावा खान को लेकर बग्गी के जौहर विश्वविद्यालय की तरफ जाते वक्त आजम के हजारों समर्थक इसके साथ मौजूद थे। सपा प्रमुख जौहर विश्वविद्यालय में ही मध्यरात्रि के समय 75 फुट लंबा केक काटकर अपना जन्मदिन मनाया। कहा जा रहा है कि यह बग्गी लंदन से मंगाई गई है।

दो दिवसीय जन्मदिन उत्सव शुक्रवार को आज़म खान के विधानसभा क्षेत्र रामपुर में सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा आयोजित की गई। खान जौहर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हैं।

मुलायम के यहां पहुंचते ही उत्सव शुरू हो गया लेकिन खर्च हुए धन पर आजम की टिप्पणियों ने विवाद पैदा कर दिया।
बड़े कार्यक्रम के आयोजन के लिए धन के बारे में सवाल पूछने पर, नाराज खान ने कहा कि धन आतंकी संगठन तालिबान और माफिया सरगना डॉन दाउद इब्राहिम ने दिया है।

उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, ‘‘इससे क्या मतलब कि कार्यक्रमों के लिए धन कहां से आ रहा है? कुछ तालिबान से आया है, कुछ अबु सलेम ने दिया, कुछ दाउद (इब्राहिम) से, कुछ आतंकवादियों से…’’

कहा जा रहा है कि इस जन्मदिन समारोह में अखिलेश मंत्रिपरिषद के करीब 40 मंत्री शामिल हो रहे हैं।
बसपा नेता सुधींद्र भदौरिया ने कहा, ‘‘मुलायम सिंह यादव राज्य की जनता की परेशानियों पर अपना जन्मदिन मना रहे हैं।’’

भाजपा के विजय पाठक ने कहा कि यह व्यर्थ का खर्च है। सपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने जन्मदिन समारोह का बचाव करते हुए कहा कि मुलायम देश के ‘‘सबसे ऊंचे औहदे के नेता’’ हैं और लोग उनके संघर्ष का जश्न मना रहे हैं।

गौरतलब है कि आजम ने कल भी यह कहकर विवाद पैदा कर दिया था कि आगरा के ताज महल और इससे अर्जित धन को वक्फ बोर्ड को सौंप देना चाहिए क्योंकि यह स्मारक मकबरा है।

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