ताज़ा खबर
 

बंगालः बेटे सुभ्रांशु संग टीएमसी में शामिल हुए मुकुल रॉय, भाजपा से मोहभंग

बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय और उनके बेटे सुभ्रांशु रॉय कोलकाता में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की मौजूदगी में टीएमसी में शामिल हुए।

बीजेपी नेता मुकुल रॉय टीएमसी में शामिल हो गए हैं। (एएनआई)।

बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय और उनके बेटे सुभ्रांशु रॉय कोलकाता में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की मौजूदगी में टीएमसी में शामिल हुए। मुकुल रॉय ने कहा, ‘मैं आज टीएमसी में शामिल हुआ हूं। वर्तमान परिस्थितियों में कोई भी भारतीय जनता पार्टी में नहीं रहेगा।’ वहीं सीएम ममता ने कहा, ‘मुकुल रॉय के टीएमसी में शामिल होने पर हम मुकुल रॉय का स्वागत करते हैं। वह पार्टी में अहम भूमिका निभाएंगे।’ माना जा रहा है कि मुकुल रॉय इस बात से नाराज थे कि 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को बंगाल में इतनी सीटें जिताने के बाद भी उन्हें दरकिनार किया गया। मुकुल रॉय को नजरअंदाज कर सुवेंदु अधिकारी को अहमियत दिए जाना रॉय को रास नहीं आया और वे दोबारा टीएमसी में जा मिले।

रॉय की BJP में हो रही थी अनदेखी: तृणमूल के संस्थापक सदस्य रहे रॉय बंगाल विस चुनाव से पहले पार्टी में वापसी करना चाहते थे। यह जानकारी सूत्रों के हवाले से टीवी मीडिया रिपोर्ट्स में दी गई। साथ ही बताया गया कि उन्हें बंगाल बीजेपी चीफ दिलीप घोष ने उन्हें सूबे में तवज्जो नहीं दी। यहां तक कि बीजेपी दफ्तर में मुकुल को कमरा तक नहीं मिला था। कहा जा रहा है कि सुवेंदु अधिकारी के आने के बाद से वह बीजेपी में अकेले पड़ गए। बता दें कि चार साल पहले दीदी से अनबन के बाद उन्होंने टीएमसी को टाटा बोल दिया था।

कौन हैं मुकुल रॉय और ममता से कैसे हैं रिलेशनः : मुकुल रॉय सीएम ममता बनर्जी के उस समय से करीबी रहे हैं जब ये दोनों नेता यूथ कांग्रेस में हुआ करते थे। रॉय टीएमसी के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं। टीएमसी का गठन 1998 में कांग्रेस से अलग हुए लोगों द्वारा सीएम ममता के नेतृत्व में किया गया था। मुकुल रॉय लंबे अरसे तक दिल्ली में सांसद के तौर पर टीएमसी का चेहरा रहे हैं। साल 2006 में उनको टीएमसी महासचिव बनाया गया था।

मुकुल रॉय साल 2001 में टीएमसी के टिकट से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। साल 2006 में उन्हें टीएमसी ने राज्यसभा में भेजा और वे वहां पार्टी के नेता रहे। यूपीए-2 में वे राज्य मंत्री भी बनाए गए। मुकुल रॉय देश के रेल मंत्री भी रह चुके हैं। 2012 में यूपीए से टीएमसी के बाहर होने के बाद रॉय ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

क्यों छोड़ी थी टीएमसी: मुकुल रॉय और ममता बनर्जी के बीच टकराव साल 2015 में शुरू हुआ था जब शारदा घोटाला सामने आया था। इसके बाद मुकुल रॉय को पार्टी से निकाल दिया गया था। इसके बाद से ही मुकुल रॉय बीजेपी के संपर्क में आए थे।

2017 में रॉय ने बीजेपी ज्वॉइन कर ली थी और उन्हें बाद में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी बनाया गया था। 2021 विधानसभा चुनाव में मुकुल रॉय ने बीजेपी के टिकट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।

Next Stories
1 ट्व‍िटर पर आद‍ित्‍य नाथ को टक्‍कर दे रहे अख‍िलेश, PM से योगी की मुलाकात पर ऐसे मजे ले रहा सोशल मीड‍िया
2 ममता के अगुवा बनकर पवार से मिले PK? मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष को लामबंद करने का हो सकता है प्लान
3 2024 पर दीदी से क्या हुई बात? टिकैत बोले- क्या गुणा-भाग है, ये तो गांव के लोग बता सकते हैं
ये पढ़ा क्या?
X