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जब धीरूभाई को पड़ा था दिल का दौरा, कहानी बताते हुए भावुक हो गए थे मुकेश अंबानी

पिता धीरूभाई अंबानी के साथ बिताए पलों को बताते हुए भावुक मुकेश अंबानी ने बताया कि जब हम उन्हें लेकर डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे तो डॉक्टर ने अगले 24 घंटे बेहद क्रिटिकल बताए।

धीरूभाई अंबानी (बाएं), मुकेश अंबानी (दाएं)। Photo Source- Indian Express

देश के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) बेहद लो प्रोफाइल और फोकस्ड माने जाते हैं। अपने काम के प्रति अपने लगाव की प्रेरणा उन्हें अपने पिता धीरूभाई अंबानी (Dhirubhai Ambani) से मिली। एक टीवी इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपने जीवन के कई अनसुने किस्सों पर बात की। पिता धीरूभाई के साथ बिताए पलों को याद करते हुए वह भावुक भी नजर आए। उन्होंने बताया कि कैसे पूरा परिवार डर गया था जब पिता को पहला दिल का दौरा पड़ा था। बकौल मुकेश (Mukesh Ambani) , 16 फरवरी 1986 तारीख थी, मैं और पापा बैठकर क्रिकेट मैच देख रहे थे, तभी उन्होंने मुझसे कहा कि मेरी पीठ में दर्द महसूस हो रहा है। अंबानी (Mukesh Ambani) बे बताते हैं कि यह उनको पड़ा पहला दिल का दौरा था। अस्पताल ले जाने से पहले वह अचेत हो गए थे।

पिता के साथ बिताए पलों को बताते हुए भावुक मुकेश अंबानी ने बताया कि जब हम उन्हें लेकर डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे तो डॉक्टर ने अगले 24 घंटे बेहद क्रिटिकल बताए। चिंताओं से घिरा पूरा परिवार इस दौरान अस्पताल में ही रहा, वह बताते हैं कि जब पापा होश में आए तो सौभाग्य से मैं ही उनके सामने खड़ा था। उन्होंने बताया कि आंखें खोलते ही धीरूभाई अंबानी ने अपने बेटे मुकेश से कहा, परेशान मत हो, मैं सब संभाल लूंगा।

अपनी भावनाओं से संघर्ष करते हुए बताया कि धीरूभाई एक बेहद बहादुर इंसान थे, अमूमन इस तरह की बीमारी और घंटों की बेहोशी से उठने के बाद इंसान पूछता है कि मुझे क्या हुआ था। क्या सब ठीक है लेकिन हमारे पिता ने उठते ही हमें यह आभास कराया कि तुम सब परेशान मत हो, मैं सबके लिए हूं। बकौल मुकेश, उनकी यह ताकत ही मुझे आज भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मुकेश अंबानी ने यह बात साल 2012 में सिमी ग्रेवाल को दिए एक इंटरव्यू में बताई थी।

पिता के मिजाज के बारे में बात करते हुए मुकेश बताते हैं कि अनिल और मैं, बचपन में बेहद शरारती हुआ करते थे। बचपन का एक किस्सा शेयर करते हुए उन्होंने बताया कि मेरी उम्र करीब 10 साल की रही होगी, हमारे घर कुछ मेहमान आने वाले थे। मेहमानों के लिए खास तैयारियां चल रही थी, स्वादिष्ट पकवान बनाए गए थे। इससे पहले की मेहमान आते, अनिल और मैंने खाने की कई चीजें सफाचट कर दीं। जब मेहमान आए तो उनके सामने भी खूब धमाचौकड़ी मचाई। पिता यह सब देखते रहे और मेहमानों के सामने हमें प्यार से समझाते भी रहे लेकिन हम दोनों अपनी धुन में मस्त थे।

लेकिन इस घटना की सजा मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी को अगले दिन मिली। पिता धीरूभाई ने दोनों बेटों को पूरे दिन के लिए गैराज में बंद करने की सजा सुना दी। मां ने खूब पैरवी लगाने की कोशिश की लेकिन धीरूभाई के आगे किसी की एक न चली और सख्त आदेश दिया गया था कि इन्हें गैराज में खाने के लिए सिर्फ रोटी और पीने के लिए पानी दिया जाएगा।

मुकेश अंबानी बताते हैं कि इस सजा के बाद हमने चीजों की अहमिय़त को समझा, जिसके बाद हमारे अंदर गंभीरता आती चली गई और हर चीज के प्रति लगाव बढ़ता गया। इंटरव्यू के दौरान मुकेश ने कई उन किस्सों और बातों का जिक्र किया जिसे कम ही लोग जानते हैं।

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