एंटीलिया बम केसः गवाहों को मिल रही धमकियां, NIA ने कहा नहीं देना चाहते बयान

एंटीलिया बम स्केयर मामले में एनआईए जांच कर रही है। एनआईए ने कोर्ट में बताया कि गवाहों को धमकी मिल रही है और आरोपी बहुत ही खतरनाक लोग हैं।

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एंटीलिया के बाहर खड़ी गाड़ी, जिसमें विस्फोटक था। फोटो- एक्सप्रेस आर्काइव

मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर मिले विस्फोटक और मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में एनआईए ने चार्जशीट फाइल करने के लिए और वक्त मांगा है। एनआईए ने विशेष अदालत को बताया कि गवाहों को लगातार धमकाया जा रहा है और इसलिए वे बयान देने से डर रहे हैं। एनआईए ने कोर्ट को यह भी बताया कि मनसुख हिरेन की हत्या के लिए 45 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी।

सचिन वझे और चार अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल करने के लिए एनआईए ने एक महीने के अतिरिक्त समय की मांग की है। किसी परिवार का बिना नाम लिए एनआईए ने यह भी कहा कि उनका मकसद लोगों में डर पैदा करना था। एनआईए की तरफ से पेश हुए वकील सुनील गोंसाल्विस ने कोर्ट को बताया कि अब तक गिरफ्तार हुए आरोपी बेहद खतरनाक हैं। 3-4 गवाहों को इतना धमकाया गया है कि वे बहुत डर गए हैं और बयान दर्ज करवाने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं। उन गवाहों को पुलिस सुरक्षा भी दी गई है।

बता दें कि इस मामले में चार्जशीट फाइल करने के लिए विशेष कोर्ट ने पहले ही दो महीने का वक्त दिया है। जून में कोर्ट ने एनआईए को समय दिया था। लेकिन अब एनआईए ने एक और महीने का अतिरिक्त समय मांगा है। एनआईए ने बताया कि मनसुख हिरेन हत्याकांड में अब तक 150 गवाहों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। इस केस में सीसीटीवी फुटेज भी बरामद हुए हैं।

एनआई ने कोर्ट में कहा कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। पुलिसकर्मी होने की वजह से उसे हर एक पेच पता है इसलिए जांच को भटकाने में कसर नहीं छोड़ता। अभी कोर्ट ने अतिरिक्त समय देने पर कोई फैसला नहीं किया है। 4 अगस्त को मामले की दोबारा सुनवाई होनी है।

बता दें कि एंटीलिया केस में मुंबई पुलिस के पूर्व अफसर सचिन वझे को मास्टरमाइंड माना जा रहा है। वहीं इस मामले में संतोष शेलार और आनंद जाधव समेत अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। एनआईए ने मुंबई की मीठी नदी से कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, कारों के नंबर प्लेट और कई सबूत बरामद किए हैं।

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