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MSP थी, है और रहेगी…बोले शाह, राजनाथ ने दिया वचन; कृषि मंत्री ने कहा- बातचीत से ही बनेगी बात

राजधानी नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान कही। बोले, "एमएसपी के मुद्दे पर विपक्षी दल किसानों को भटका रहे हैं। मैं इसलिए साफ करना चाहता हूं कि एमएसपी की व्यवस्था रहेगी।"

Author Edited By अभिषेक गुप्ता नई दिल्ली | Updated: December 25, 2020 12:53 PM
Farmers Protest, Farm Law, MSP, Amit Shah, Narendra Modi, BJPनई दिल्ली में सिंघू बॉर्डर पर ‘दिल्ली चलो’ के नारे तहत तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन पर अड़े किसान। (फोटोः पीटीआई)

तीन कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन पर अड़े किसानों को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यकीन दिलाया है कि MSP थी, है और आगे भी रहेगी। यह बात उन्होंने शुक्रवार को देश की राजधानी नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान कही। बोले, “एमएसपी के मुद्दे पर विपक्षी दल किसानों को भटका रहे हैं। मैं इसलिए साफ करना चाहता हूं कि एमएसपी की व्यवस्था रहेगी।”

शाह के मुताबिक, “जब नरेंद्र भाई प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना लेकर आए तब राहुल बाबा समेत विपक्ष के सारे नेता कहते थे कि किसानों का ऋण माफ करो। कांग्रेस की सरकार ने 10 साल में 60,000 करोड़ का ऋण माफ किया। नरेंद्र मोदी ने ढाई साल में ही 95,000 करोड़ सीधे किसानों के अकाउंट में डलवा दिए।”

इसी बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों के लिए तीन क़ानून बनाए गए हैं। लेकिन आज कुछ लोगों के द्वारा गलतफहमी पैदा की जा रही है कि MSP खत्म कर दी जाएगी। मैं किसानों को वचन दे रहा हूं कि किसी भी कीमत पर MSP खत्म नहीं होगी।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त जारी की। पीएम ने नौ करोड़ से अधिक किसान लाभार्थियों के खातों में 18,000 करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की। पीएम के संबोधन से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि तीन कृषि कानूनों को लेकर बातचीत से ही बात बनेगी।

वह बोले- पंजाब सहित थोड़े से कुछ किसान भाई-बहनों के मन में नए कानूनों को लेकर भ्रम पैदा हुआ है। मैं उनको आग्रह करता हूं कि वो इस आंदोलन को त्याग कर सरकार के वार्ता के निमंत्रण पर आएं। मुझे आशा है कि किसान नए कानून के मर्म और महत्व को समझेंगे और हम समाधान की ओर अग्रसर होंगे।

मोदी ने ये किस्त जारी करने के बाद कई राज्यों के किसानों के साथ संवाद भी किया। इस दौरान उन्होंने किसान भाइयों से सरकार द्वारा लाए गए तीन नए कृषि कानूनों और की जाने वाली अन्य व्यवस्था के बारे में सवाल पूछे। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की जमीन कोई नहीं छीन सकता है। पर इस बात पर भ्रम फैलाया जा रहा है।

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