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कमलनाथ के शासन के 9 महीनों में एमपी में 40 फीसदी बेरोजगारी में गिरावट! सर्वे में किया गया दावा

सीएम ऑफिस ने भी इस मुद्दे पर सरकार की पीठ थपथपाई है और कहा है कि कमलनाथ सरकार ने मध्य प्रदेश में 40% तक बेरोजगारी कम की है। हालांकि विपक्षी पार्टी भाजपा ने इस दावे को मानने से इंकार कर दिया है।

मध्य प्रदेश के सीएम कमल नाथ। (फाइल फोटो)

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनोमी (CMIE) की एक रिपोर्ट से मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार को खासा प्रोत्साहन मिला है। दरअसल CMIE की रिपोर्ट के अनुसार, बीते 9 माह में मध्य प्रदेश में तेजी से बेरोजगारी कम हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर, 2018 में मध्य प्रदेश में बेरोजगारी दर 7% थी, जो कि सितंबर, 2019 के अंत में गिरकर 4.2% पर आ गई है। वहीं पूरे देश की बात करें तो CMIE की रिपोर्ट के अनुसार, देश में बेरोजगारी दर 8.1% तक पहुंच गई है। रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2019 से लेकर अगस्त 2019 तक ग्रामीण और शहरी इलाकों में रोजगार को लेकर बड़े बदलाव हुए हैं।

वहीं सीएम ऑफिस ने भी इस मुद्दे पर सरकार की पीठ थपथपाई है और कहा है कि कमलनाथ सरकार ने मध्य प्रदेश में 40 फीसदी तक बेरोजगारी कम की है। हालांकि विपक्षी पार्टी भाजपा ने इस दावे को मानने से इंकार कर दिया है और कहा है कि यदि बेरोजगारी के स्तर पर कोई सफलता मिली भी है तो वह केन्द्र सरकार की योजनाओं के चलते मिली है।

बता दें कि CMIE एक मुंबई स्थित बिजनेस इन्फोरमेशन कंपनी है। सीएम ऑफिस ने रिपोर्ट के संबंध में ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘मध्य प्रदेश में रोजगार बढ़े हैं। कमलनाथ सरकार में बेरोजगारी घटी है। 10 महीने के कम समय में सरकार ने साल 2018 के मुकाबले बेरोजगारी 40% तक घटायी है। लोगों को नौकरी ना मिलने की दर 7% थी, जिसे अब घटाकर 4.2% कर दिया गया है। यह कमलनाथ के सक्षम नेतृत्व का नतीजा है।’

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, एमपी सरकार में श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया का कहना है कि यह मध्य प्रदेश सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि है। केन्द्र सरकार को राज्य सरकार से सीखना चाहिए। हम ना सिर्फ स्व-रोजगार पर फोकस कर रहे हैं, बल्कि स्किल डेवलेपमेंट पर भी ध्यान दे रहे हैं। जिसके अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ सभी बिजनेस इवेंट, जिनमें हाल ही में इंदौर में आयोजित हुआ ‘मैग्निफिशेंट एमपी इन्वेस्टर्स समिट’ भी शामिल है, नौकरी बढ़ाने पर ही जोर देती है। हम युवाओं को इसी तरह स्व-रोजगार के लिए और उद्योगपतियों को ज्यादा से ज्यादा नौकरियां देने के लिए प्रोत्साहित करते रहेंगे।

वहीं दूसरी तरफ विपक्षी पार्टी भाजपा ने सरकार से राज्य में कितने उद्योग लगे, जिन युवाओं को नौकरियां मिली, उनके नाम, बेरोजगारी भत्ता और बीते 10 माह में कितनी सरकारी रिक्तियां भरी गई, इसकी जानकारी देने को कहा है। भाजपा नेता गोपाल भार्गव का कहना है कि पीएम मोदी द्वारा लॉन्च किया गया स्किल इंडिया प्रोग्राम के कई राज्यों में अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि एमपी सरकार को मुद्दों का राजनीतिकरण नहीं करने की बजाय भाजपा सरकार में लॉन्च किए गए समाज कल्याण के कामों का अनुसरण करना चाहिए।

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