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सांसद ई अहमद के निधन पर विवाद, परिवार ने कहा- हमें मिलने नहीं दिया गया, दूर रखा गया

पूर्व केंद्रीय मंत्री ई अहमद के निधन पर विवाद शुरू हो गया है। उनके परिवार का कहना है कि उन्‍हें मिलने नहीं दिया गया और दूर रखा गया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ई अहमद के निधन पर विवाद शुरू हो गया है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ई अहमद के निधन पर विवाद शुरू हो गया है। उनके परिवार का कहना है कि उन्‍हें मिलने नहीं दिया गया और दूर रखा गया। अहमद का 31 जनवरी को देर रात को निधन हो गया था। बजट सत्र के पहले दिन राष्‍ट्रपति प्रणव मुखर्जी के अभिभाषण के दौरान दिल के दौरे के कारण वे कुर्सी से नीचे गिर गए थे। इसके बाद उन्‍हें अस्‍पताल ले जाया गया था। 78 वर्षीय अहमद का देर रात सवा दो बजे के करीब निधन हो गया। उनके बेटे ने बताया, ”मैं तीन घंटे पहले पहुंचा। उन्‍होंने(अस्‍पताल प्रशासन) बताया नहीं कि हम उन्‍हें क्‍यों नहीं देख सकते। बेटा होने के नाते मुझे उन्‍हें देखने का हक था। हम सदमे में हैं।”

कांग्रेस ने भी सरकार पर अहमद के निधन की जानकारी छुपाने का आरोप लगाया। सांसद और लोकसभा में कांग्रेस दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार को ई अहमद के निधन की जानकारी पहले ही लग गई थी लेकिन उन्होंने जानकारी को बाहर आने से रोकने का प्रयास किया। खड़गे ने बजट को टालने की भी मांग की थी। उन्होंने कहा कि सरकार (बीजेपी) वैसे तो काफी संस्कारों की बात करती है लेकिन फिर भी किसी के निधन के बाद बजट पेश कर रही है। कांग्रेस नेता ने आगे कहा, ‘ कांग्रेस के अलावा जेडयू नेताओं और पूर्व पीएम देव गोड़ा का भी यही मानना है कि बजट को स्थगित कर दिया जाना चाहिए। 31 मार्च अभी नहीं आया है। ऐसे में बजट को पेश करने के लिए बहुत वक्त है। सरकार चाहे तो इसे स्थगित कर सकती है।’

लोकसभा में बजट पेश होने से पहले अहमद को श्रद्धांजलि दी गई। स्‍पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि श्रद्धांजलिस्‍वरूप दो फरवरी को कार्यवाही स्‍थगित की जाएगी। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अहमद को श्रद्धांजलि दी। उन्‍होंने कहा“ई अहमद के निधन की खबर से दुखी हूं। वह एक दिग्गज नेता था जिन्होंने लगन से इस देश की सेवा की। मेरी संवेदना उनके साथ है। केरल के विकास में ई अहमद का बड़ा योगदान रहा। पश्चिमी एशिया के साथ भारत के रिश्ते मजबूत करने में भी उन्होंने प्रमुख भूमिका निभाई थी। मुस्लिम समुदाय की उन्नति के लिए किए गए उनके लगातार प्रयास भी याद रखे जाएंगे।”

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