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पांच करोड़ परीक्षण, दो महीने में साढ़े चार गुना बढ़ी रोजाना जांच

जनवरी में पुणे के विषाणु विज्ञान राष्ट्रीय संस्थान में केवल एक नमूने की जांच की जाती थी और अब 5,06,50,128 जांच की जा चुकी है, जिनमें से सोमवार को चौबीस घंटे में 10,98,621 नमूनों की जां

Coronavirus, COVID-19, Ramgarh, JharkhandCOVID-19 टेस्ट कराती एक महिला। (प्रतीकात्मक फोटोः पीटीआई)

भारत में कोरोना विषाणु संक्रमण के अब तक पांच करोड़ से अधिक नमूनों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से तीन करोड़ जांच 37 दिनों में हुई हैं। जुलाई के पहले सप्ताह के मुकाबले सितंबर के पहले सप्ताह में 4.57 गुना अधिक जांच हो रही हैं। तीन और चार सितंबर को चौबीस घंटे में 11 लाख से अधिक नमूनों की जांच की गई।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण के मुताबिक तेज और व्यापक परीक्षण ने कोरोना महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके मुताबिक औसत दैनिक जांच (सप्ताह वार) में लगातार बढ़ोतरी हुई है।

जुलाई के पहले सप्ताह (2,28,920) के मुकाबले सितंबर के पहले सप्ताह (10,46,470) में 4.57 गुना वृद्धि हुई है। इसके साथ ही प्रति दस लाख जनसंख्या पर जांच की संख्या में भी इस अवधि में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है। एक जुलाई तक देश में प्रति दस लाख जनसंख्या पर 6,396 जांच हुई थीं जो आठ सितंबर तक प्रति दस लाख जनसंख्या पर बढ़कर 36,703 हो गई। 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में प्रति दस लाख जनसंख्या पर जांच राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। इसके अलावा प्रति दस लाख जनसंख्या पर प्रतिदिन जांच की संख्या में भी करीब तीन गुना की बढ़ोतरी हुई है। जुलाई के दूसरे सप्ताह में प्रति 10 लाख की आबादी पर प्रति दिन औसत जांच की संख्या 237 थी, जो सितंबर के पहले सप्ताह में बढ़कर 758 हो गई।

जनवरी में पुणे के विषाणु विज्ञान राष्ट्रीय संस्थान में केवल एक नमूने की जांच की जाती थी और अब 5,06,50,128 जांच की जा चुकी है, जिनमें से सोमवार को चौबीस घंटे में 10,98,621 नमूनों की जांच की गई। देश में कुल 1668 प्रयोगशालांए हैं, जिनमें से 1035 सरकारी और 633 निजी प्रयोगशालाएं हैं।

आरटी पीसीआर जांच है सबसे बेहतर
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बार-बार कहा गया है कि कोरोना विषाणु जांच के लिए आरटी पीसीआर जांच की सबसे बेहतर है। इसके अलावा त्वरित एंटीजन परीक्षण भी संक्रमितों का पता लगाने के लिए उपयोग किए जा रहे हैं। आइसीएमआर के दिशानिर्देशों के मुताबिक त्वरित एंटीजन परीक्षण में नेगेटिव आए व्यक्ति का आरटी पीसीआर परीक्षण कराना अनिवार्य होता है।

इस जांच का उपयोग निषिद्ध क्षेत्रों में करना उपयुक्त रहता है। भूषण के मुताबिक कौन राज्य किस तरह की जांच का उपयोग करता है, यह वहां पर उपलब्ध जांच सुविधाओं के आधार पर तय करता है। केंद्र की ओर से अधिक से अधिक संख्या में आरटी पीसीआर जांच कराने के लिए ही कहा गया है। तमिलनाडु देश का एकमात्र राज्य है जो सारे टेस्ट आरटी पीसीआर ही करता है।

दुनिया में जांच के मामले में चीन पहले स्थान पर
कोरोना विषाणु संक्रमण की जांच के मामले में चीन पहले स्थान पर है। यहां सात सितंबर तक 16 करोड़ जांच की गई थीं। 8.74 करोड़ से अधिक जांच के साथ अमेरिका दूसरे स्थान पर है। वहीं, रूस में अब तक 3.87 करोड़ और ब्रिटेन में 1.76 करोड़ जांच की जा चुकी हैं।

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