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घरवालों और हिन्दू संगठनों की धमकी से डरकर छोड़ दिया था मुस्लिम पति का साथ, डेढ़ साल बाद फिर हुए एक, SC तक पहुंचा मामला

विवाह के बाद इब्राहिम ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए आरोप लगाया कि पत्नी अंजलि जैन को उनके परिजनों ने बंधक बना लिया और उन्हें ऐसे दवाईयां दी जा रही हैं ताकि मानसिक स्थिति संतुलित ना लगे।

Author रायपुर | Published on: November 21, 2019 11:32 AM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

परिवार, समुदाय और हिंदू संगठनों के डर से मुस्लिम शख्स इब्राहिम आर्य से विवाह के डेढ़ साल बाद तक दूर रहीं 23 वर्षीय अंजलि फिर से बुधवार (20 नवंबर, 2019) को पति के पास चली गईं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद राजधानी रायपुर के सखी सेंटर से उन्हें रिहा कर दिया गया। अंजली जैन बुधवार दोपहर के आसपास सखी सेंटर से निकलीं और कड़ी सुरक्षा के बीच इब्राहिम के साथ रवाना हो गईं। हालांकि अंजलि का कहना है कि वह अभी खतरे में हैं। उन्होंने अपने परिजनों से उनके फैसले को स्वीकार करने की अपील की है।

इब्राहिम और अंजलि के मुताबिक परिवारों के भारी विरोध के चलते दोनों ने पिछले साल चुपके से विवाह कर लिया। दंपत्ति छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के निवासी हैं। एक सवाल के जवाब में इब्राहिम कहते हैं कि वो नहीं चाहते कि अंजलि अपना धर्म बदलें, इसलिए उन्होंने अपना नाम बदलकर इब्राहिम आर्य कर लिया।

उल्लेखनीय है कि विवाह के बाद इब्राहिम ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए आरोप लगाया कि पत्नी अंजलि जैन को उनके परिजनों ने बंधक बना लिया और उन्हें ऐसे दवाईयां दी जा रही हैं ताकि मानसिक स्थिति संतुलित ना लगे।

इसी बीच कोर्ट में सुनवाई के दौरान अंजलि के परिजनों ने आरोप लगाया कि इब्राहिम ने उनकी बेटी को गुमराह किया और विवाह कर लिया। हालांकि मामला पिछले साल जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो अंजलि ने बताया कि वो अपने परिजनों के साथ जाना चाहती है। खास बात है कि इस साल फरवरी में अंजलि ने डीजीपी से उन्हें बचाने की गुहार लगाई। उन्होंने पुलिस अधिकारी से कहा कि वो अब अपने पति यानी इब्राहिम के साथ रहना चाहती हैं।

बता दें कि तब से ही अंजलि सखी सेंटर में थीं। मामले में स्वयं संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अंजलि के पक्ष में फैसला सुनाते हुए 17 नंवबर को उन्हें रिहा करने के निर्देश दिए। 18 नवंबर को उन्हें रिहा तो कर दिया गया लेकिन अंजलि को सखी सेंटर में वापस ले जाया गया क्योंकि पुलिस ने कोर्ट के आदेश में एक शर्त का हवाला दिया कि उसे पति इब्राहिम और उसके पिता अशोक जैन दोनों को सूचित किया जाना चाहिए। पुलिस ने बताया कि सूचना देने के लिए जब अशोक जैन को फोन किया गया, उनका मोबाइल ऑफ था। घर पर भी ताला लगा मिला। इस पर अंजलि भूख हड़ताल पर बैठ गईं और इब्राहिम के साथ जाने की अनुमति मांगी।

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