scorecardresearch

गुरुवार को कोरोना के ढाई लाख से अधिक मामले

देश में सबसे अधिक कोरोना विषाणु संक्रमण के मामले केरल में दर्ज किए गए।

सांकेतिक फोटो।

देश में गुरुवार रात साढ़े दस बजे तक 34 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कोरोना विषाणु संक्रमण के 2,50,545 मामले आए जबकि संक्रमण की वजह से 619 लोगों की मौत हुई। ये आंकड़े राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य विभागों की ओर से जारी किए गए। इन आंकड़ों में त्रिपुरा और लक्षद्वीप के आंकड़े शामिल नहीं हैं।

देश में सबसे अधिक कोरोना विषाणु संक्रमण के मामले केरल में दर्ज किए गए। केरल स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में 51,739 मामले सामने आए और 153 लोगों की मौत हुई। केरल के अलावा कर्नाटक में 38,083, तमिलनाडु में 28,515, महाराष्ट्र में 25,425, आंध्र प्रदेश में 13,374, गुजरात में 12,911, मध्य प्रदेश में 9,532, राजस्थान में 9,227, उत्तर प्रदेश में 8,860, ओड़ीशा में 5,901, हरियाणा में 5,770, जम्मू कश्मीर में 4,959, छत्तीसगढ़ में 4,645, दिल्ली में 4,291, पंजाब में 4,093, तेलंगाना में 3,944, असम में 3,677, पश्चिम बंगाल में 3,608, उत्तराखंड में 2,439, हिमाचल प्रदेश में 1,820, मिजोरम में 1,534, लद्दाख में 1,308, बिहार में 1,034, झारखंड में 1,009, गोवा में 955, पुदुचेरी में 940 व दमन दीव में सात मामले आए।

साढ़े सात गुना बढ़ी ओमीक्रान के मामलों की संख्या

सरकार ने गुरुवार को कहा कि जनवरी में कोरोना के नमूनों के जीनोम अनुक्रमण में करीब 9,672 ओमीक्रान बहुरूप के पाए गए, जो अनुक्रमित किए गए कुल नमूनों का 75 फीसद है। यह आंकड़ा दिसंबर, 2021 के 1,292 से वृद्धि को प्रदर्शित करता है। दिसंबर के मुकाबले जनवरी में ओमीक्रान बहुरूप की संख्या में साढ़े सात गुना की वृद्धि हुई।

राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के निदेशक एसके सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ओमीक्रान-बीए.1 और बीए.2 के उप-वंश अनुक्रमित नमूनों में पाए गए, जबकि बीए.3 नहीं पाए गए। सिंह ने कहा कि हम पहले बीए.1 नमूने प्राप्त कर रहे थे, जो ज्यादातर यात्रियों (विदेश यात्रा कर चुके) में पाए गए थे लेकिन अब हम देख रहे हैं बीए.2 समुदाय में अधिक पाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ओमीक्रान के नमूनों की संख्या में दिसंबर की तुलना में जनवरी में वृद्धि देखी गई है। सिंह ने कहा कि जीनोम अनुक्रमण में, दिसंबर और जनवरी के बीच ओमीक्रान नमूनों में भारी वृद्धि देखी गई। दिसंबर में, जीनोम अनुक्रमण में, ओमीक्रान के सिर्फ 1,292 नमूने थे, जबकि डेल्टा बहुरूप और एवाई उप-वंश के 17,272 नमूने थे। जनवरी में, ओमीक्रान के 9,672 नमूने पाए गए, जो कुल अनुक्रमित नमूनों के 75 फीसद हैं, जबकि एवाई उप-वंश 3,201 नमूनों में पाया गया और डेल्टा 1,578 में पाया गया।

सिंह ने कहा कि डेल्टा बहुरूप ओड़ीशा, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में अधिक पाया गया। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि हर जगह हम ओमीक्रान के ही मामले पा रहे हैं, हम डेल्टा बहुरूप के मामले भी पा रहे हैं जिससे प्रदर्शित होता है कि डेल्टा बहुरूप का असर पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। रोग की गंभीरता और अस्पताल में भर्ती होने के मामले में भी हम डेल्टा को एक वजह के रूप में पा सकते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि हमें अस्पताल में भर्ती मरीजों को एकपक्षीय तरीके से यह नहीं मानना चाहिए कि वे ओमीक्रान के हैं, जिसके चलते वे हल्के होंगे।

पढें राष्ट्रीय (National News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.