पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार जीत हासिल की। पार्टी को राज्य में कुल 207 सीटें मिली, जो बहुमत का आंकड़ा 148 से कहीं ज्यादा है। चुनाव परिणाम की अगर विवेचना करें तो यह स्पष्ट दिखता है कि पूरे राज्य में पार्टी ने खुद को काफी मजबूत कर लिया। खासकर बांग्लादेश सीमा से लगे इलाकों में भाजपा ने अपनी पकड़ काफी मजबूत कर ली है। 2021 विधानसभा चुनाव के मुकाबले भाजपा ने इस बार के चुनाव इन सीमावर्ती क्षेत्र में 11 सीटों अधिक जीती हैं।
2021 में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटी 44 विधानसभा सीटों में से भाजपा ने 17 सीटें जीती थीं। लेकिन 2026 में पार्टी ने “बांग्लादेशी घुसपैठ” के मुद्दे और शरणार्थी विरोधी अभियान के सहारे 28 सीटों पर जीत दर्ज की। भाजपा ने न सिर्फ अपनी पुरानी 17 सीटें बचाईं, बल्कि तृणमूल कांग्रेस से 11 सीटें छीनी भी।
मुस्लिम बहुल इलाकों में भाजपा की जीत
बता दें कि 2021 में इन 44 सीटों में से 27 सीटें जीतने वाली तृणमूल कांग्रेस 2026 में घटकर सिर्फ 15 सीटों पर सिमट गई। पार्टी ने 12 सीटें गंवाईं, जिनमें 11 भाजपा के खाते में गईं, जबकि रानीनगर सीट कांग्रेस ने जीत ली। ये 44 सीटें कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, दार्जिलिंग, मालदा, मुर्शिदाबाद, नदिया, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना जिलों में फैली हुई हैं। इन इलाकों में मुस्लिम आबादी अच्छी-खासी मानी जाती है।
टीएमसी की जीती 15 सीमावर्ती सीटों में 11 विधायक मुस्लिम समुदाय से हैं। कांग्रेस की रानीनगर सीट से जीते जुल्फिकार अली भी मुस्लिम नेता हैं। उन्होंने टीएमसी उम्मीदवार अब्दुल सौमिक हुसैन को 2,701 वोटों से हराया। दूसरी ओर, भाजपा ने इन सीटों पर एक भी मुस्लिम उम्मीदवार नहीं उतारा था।
इन सीटों पर जीत के अंतर ने भी भाजपा की मजबूत होती पकड़ को दिखाया है। भाजपा की 28 सीटों पर औसत जीत का अंतर 40,195 वोट रहा जबकि TMC की 15 सीटों पर औसत जीत का अंतर 28,504 वोट रहा। 2021 में भाजपा की औसत जीत का अंतर सिर्फ 15,795 वोट था जो 2026 में बढ़कर 50,440 वोट तक पहुंच गया। वहीं TMC की जीत का औसत अंतर घटकर लगभग आधा रह गया।
भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान बांग्लादेशी घुसपैठ को बड़ा मुद्दा बनाया। पार्टी ने “पता लगाओ, मिटाओ और देश-निकाला दो” मॉडल लागू करने और अवैध घुसपैठियों पर सख्त कार्रवाई का वादा किया। इसके अलावा सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी के लिए जमीन उपलब्ध कराने की भी बात कही गई। परिणाम को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि जनता को भाजपा की यह थ्योरी पसंद आई।
गौरतलब है कि भारत और बांग्लादेश के बीच कुल 4,096 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिसमें से 2,216 किलोमीटर हिस्सा पश्चिम बंगाल में पड़ता है। राज्यसभा में अगस्त 2025 में दी गई जानकारी के मुताबिक, इनमें से करीब 1,653 किलोमीटर सीमा पर बाड़ लग चुकी है, जबकि लगभग 563 किलोमीटर हिस्सा अब भी खुला है।
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पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में बीजेपी की बड़ी जीत हुई है और शुभेंदु अधिकारी राज्य के पहले भाजपाई मुख्यमंत्री बन गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की नए दौर की बीजेपी ने पूर्व सीएम ममता बनर्जी का किला ध्वस्त कर दिया है। इसके बाद ममता बनर्जी लगातार अपनी पार्टी के नए तरह से संगठित कर रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
