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2021 के लिए मूडीज का आकलन, 12 फीसद वृद्धि दर्ज करेगी देश की अर्थव्यवस्था

मूडीज ने कहा, ‘हमारा अनुमान है कि निजी खपत और गैर निवासी निवेश में अगले कुछ तिमाहियों में बढ़ोतरी होगी, जिससे 2021 में घरेलू मांग में सुधार होगा। मूडीज का अनुमान है कि 2021 में जीडीपी की वास्तविक वृद्धि दर 12 फीसद रहेगी।

Author नई दिल्ली | Updated: March 20, 2021 5:26 AM
मूडी ने निकट भविष्य में भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई है। (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

देश की अर्थव्यवस्था 2021 में 12 फीसद की वृद्धि दर्ज करेगी। मूडीज एनालिटिक्स ने यह अनुमान लगाया है। मूडीज ने कहा कि पिछले साल 7.1 फीसद की गिरावट के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था की निकट भविष्य की संभावनाएं अधिक अनुकूल हो गई हैं। मूडीज एनालिटिक्स ने शुक्रवार को कहा कि दिसंबर, 2020 को समाप्त तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 0.4 फीसद रही है। यह प्रदर्शन उम्मीद से कहीं बेहतर है। इससे पिछली तिमाही में अर्थव्यवस्था में 7.5 फीसद की गिरावट आई थी।

मूडीज ने कहा कि अंकुशों में ढील के बाद देश और विदेश की मांग सुधरी है। इससे हालिया महीनों में विनिर्माण उत्पादन बढ़ा है। मूडीज ने कहा, ‘हमारा अनुमान है कि निजी खपत और गैर निवासी निवेश में अगले कुछ तिमाहियों में बढ़ोतरी होगी, जिससे 2021 में घरेलू मांग में सुधार होगा। मूडीज का अनुमान है कि 2021 के कैलेंडर साल में जीडीपी की वास्तविक वृद्धि दर 12 फीसद रहेगी। इसकी एक वजह पिछले साल का निचला आधार प्रभाव भी है। मूडीज ने कहा कि मौद्रिक और राजकोषीय नीतियां वृद्धि के अनुकूल रहेंगी।

हमारा मानना है कि इस साल नीतिगत दरों में कोई अतिरिक्त कटौती नहीं होगी और यह चार फीसद पर ही रहेगी। साथ ही अनुमान है कि वित्त वर्ष 2021-22 के बजट से वार्षिक राजकोषीय घाटा जीडीपी के करीब सात फीसद पर पहुंच जाएगा।

मूडीज ने कहा कि मुख्य मुद्रास्फीति 2021 में नियंत्रित तरीके से बढ़ेगी। हालांकि, खाद्य वस्तुओं या ईंधन में महंगाई से परिवारों पर असर पड़ेगा। इसके साथ ही मूडीज ने कहा है कि यदि कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर तेज होती है, तो इससे 2021 में सुधार के लिए जोखिम पैदा हो सकता है।

देश के शेयर बाजारों में पिछले पांच कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट पर शुक्रवार को विराम लग गया और बीएसई सेंसेक्स 642 अंक की जोरदार तेजी के साथ बंद हुआ। अमेरिकी ट्रेजरी पर प्रतिफल की दर बढ़ने को लेकर जारी च्ािंता के बीच वैश्विक स्तर पर गिरावट के रुख के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज, दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों (एफएमसीजी) और आइटी कंपनियों के शेयरों में तेजी के साथ बाजार में मजबूती आई। कारोबारियों के अनुसार कई राज्यों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों और उसकी रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन को निवेशकों ने तरजीह नहीं दी। इससे आर्थिक पुनरुद्धार को खतरा हो सकता है। तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स में उतार-चढ़ाव रहा।

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