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विदाई की तैयारी में मॉनसून के बदरा

मॉनसून की विदाई की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन 1 जून से 14 सितंबर तक देश भर के औसत बारिश में पांच फीसद की कमी बनी हुई है।

Author नई दिल्ली | Updated: September 16, 2016 1:29 AM
चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के बादलों ने देश से विदाई लेनी शुरू कर दी है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों से मॉनसून की वापसी हो गई है। हालांकि, मॉनसून की यह वापसी पूरे दो हफ्ते देरी से हो रही है। वहीं, एक जून से लेकर 14 सितंबर तक देश में मॉनसून की औसत बारिश में पांच फीसद की कमी बनी हुई है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, ‘15 सितंबर को दक्षिण पश्चिम मॉनसून पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से वापस चला गया है। वापसी की यह रेखा अभी अनूपगढ़, बीकानेर और जैसलमेर से गुजर रही है’। निजी एजंसी स्काई मेट के मुताबिक, मॉनसून की वापसी के सारे मापदंड पूरे हो गए हैं, ‘पिछल दो हफ्ते से पश्चिमी राजस्थान में सूखा मौसम बना हुआ है, मध्य पाकिस्तान के ऊपर की साइक्लोनिक सर्कुलेशन को एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन विस्थापित कर चुका है और हवाओं का रुख पूर्वा से उत्तर-पश्चिमी हो गया है जिससे आर्द्रता में कमी आई है’। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी राजस्थान के बाकी हिस्सों से मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं, वहीं पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में आने वाले दिनों में काफी कम बारिश की संभावना है जो मॉनसून के इस क्षेत्र के अन्य हिस्सों से विदाई का संकेत है।

मॉनसून की विदाई की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन 1 जून से 14 सितंबर तक देश भर के औसत बारिश में पांच फीसद की कमी बनी हुई है। इस अवधि में देश में सामान्य बारिश की मात्रा 808.1 मिमी है, जबकि वास्तविक बारिश 766.1 मिमी हुई है। भारतीय मौसम विभाग में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर डीएस पई ने कहा, ‘अभी हम किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकते, मानसून सीजन के खत्म होने में फिलहाल पंद्रह दिन बाकी हैं’। अभी तक के आंकड़ों के अनुसार केवल मध्य भारत में सामान्य से 1 फीसद अधिक बारिश हुई है। वहीं उत्तर-पश्चिम भारत, जो मानसून को पूरी तरह से विदा करने के कगार पर है, वहां सामान्य से 2 फीसद कम बारिश दर्ज की गई है।

सबसे ज्यादा कमी पूर्वी और उत्तर पूर्वी भारत में बनी हुई है। वहां अभी तक 12992.5 मिमी की जगह 1120.1 मिमी बारिश दर्ज की गई जो सामान्य से 13 फीसद कम है। वहीं दक्षिण भारत में 11 फीसद कम बारिश दर्ज की गई है। लेकिन, राहत की बात यह है कि इन क्षेत्रों में मॉनसून अभी सक्रिय है जिससे भरपाई की उम्मीद है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण पश्चिम मानसून फिलहाल मराठवाड़ा, उत्तरी एवं दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के ऊपर काफी सक्रिय है और आने वाले दिनों में पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में इसकी सक्रियता अच्छी बनी रहेगी। पिछले एक हफ्ते की बात करें तो 8 सितंबर से 14 सितंबर तक मानसून की सक्रियता में पूरे देश भर में सुस्ती बनी रही और सामान्य से 29 फीसद कम बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा उत्तर-पश्चिमी भारत में 61 फीसद की कमी रही, वहीं मध्य भारत में 34 फीसद की कमी रही, पूर्वी और उत्तर पूर्वी राज्यों में 9 फीसद की कमी और दक्षिण भारत में 4 फीसद की कमी रही।

भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी तीन अक्तूबर तक के पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी भारत और महाराष्ट्र में 23 सितंबर तक सामान्य से अधिक बारिश की संभावना है। मध्य भारत में भी 23 सितंबर तक अच्छी बारिश का पूर्वानुमान है। वहीं उत्तर-पूर्वी भारत में भी 28 सितंबर तक सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। जबकि दक्षिण भारत में 24 सितंबर से बारिश की गतिविधि में तेजी आएगी। जून से सितंबर तक रहने वाले दक्षिण पश्चिम मॉनसून पर देश का 70 फीसद बारिश और बहुताय रूप से कृषि पर निर्भर है। भारतीय मौसम विभाग ने इस साल दक्षिण पश्चिम मॉनसून के सामान्य से अधिक रहने का पूर्वानुमान जताया था, लेकिन अभी तक 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश में कमी बनी हुई है। इसकी भरपाई के लिए केवल पंद्रह दिन बचे हैं।

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