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शुरुआती अनुमान में मौसम विभाग की भविष्‍यवाणी- सामान्‍य से 6 फीसदी ज्‍यादा होगी बारिश

पिछले दो साल में मानसून उम्‍मीदों पर खरा नहीं उतरा है। इसके चलते पानी की कमी के साथ ही अनाज उत्‍पादन में भी कमी दर्ज की गई है।

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सात जून तक केरल में पहुंचने की उम्मीद है।। (फाइल फोटो)

लगातार दो साल से सूखे का सामना कर रहे देशवासियों के लिए अच्‍छी खबर है। इस साल मानसून सामान्‍य से ज्‍यादा रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार इस साल मानसून सामान्‍य से अधिक रहेगा। इसके तहत 104 से 110 प्रतिशत बारिश होगी। मौसम विभाग के डीजी लक्ष्‍मण सिंह राठौड़ ने बताया कि इस बार सामान्‍य से 6 फीसदी अधिक बारिश का अनुमान है। मानसून सामान्‍य से अधिक रहेगा। मानसून के आने से पहले तापमान भी सामान्‍य रहेगा। बता दें कि मौसम विभाग की यह भविष्‍यवाणी राहतभरी है। वर्तमान में देश के लगभग 9 जिले पानी की कमी से जूझ रहे हैं। सबसे ज्‍यादा प्रभावित महाराष्‍ट्र हुआ है। राज्‍य के मराठवाड़ा और विदर्भ में हालात काफी खराब हैं। वहां पर ट्रेन से पानी भेजा गया है।

इससे पहले सोमवार को प्राइवेट एजेंसी स्‍काईमेट ने भी अच्‍छे मानसून की भविष्‍यवाणी की थी। स्‍काईमेट के अनुसार इस साल भारत में सामान्‍य से 5 फीसदी ज्‍यादा बारिश होगी। मानसून के सामान्‍य से कम रहने के केवल 15 प्रतिशत चांसेज हैं। मध्‍य और पश्चिमी भारत में अच्‍छी बारिश होगी। मानसून के दूसरे दौर में पहले दौर की तुलना में अधिक वर्षा होगी। जून में 10 प्रतिशत कम बारिश होगी। लेकिन जुलाई और अगस्‍त में मानसून रफ्तार पकड़ लेगा। अन्‍य एजेंसियों ने भी इस साल अच्‍छे मानसून की संभावना जताई है।

बता दें कि पिछले दो साल में मानसून उम्‍मीदों पर खरा नहीं उतरा है। इसके चलते पानी की कमी के साथ ही अनाज उत्‍पादन में भी कमी दर्ज की गई है। अल नीनो के चलते मानसून पर विपरीत असर पड़ा। इस साल बताया जा रहा है कि अल नीनो कमजोर पड़ा है। इसके कारण मानसून अच्‍छा रहेगा। पिछले साल मानसून सामान्‍य से 10 प्रतिशत तक कम रहा था। इसके चलते खरीफ के साथ ही रबी की फसलों पर भी बुरा असर पड़ा था। कम बारिश के चलते देश के कई राज्‍यों में बांधों में पानी काफी कम हो चुका है।

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