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अडानी ग्रुप के लिए सरकार ने बदलेे मानक, मंत्रियों की बात भी नहीं मानी- कांग्रेस सांसद का आरोप

वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार ने इस मामले में अपने ही मंत्रियों और विभागों की सलाह को नजरअंदाज किया है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाते हुए कहा कि नियमों में बदलाव के चलते ही अडानी ग्रुप को सभी 6 नीलामी में जीत हासिल हुई।

gautam adani aircraft amendment bill privatization, adani groupदेश के 6 एयरपोर्ट्स के संचालन और विकास की जिम्मेदारी अडानी ग्रुप को दी गई है। (फाइल फोटो)

संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस ने केन्द्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दरअसल यह आरोप अडानी ग्रुप को देश के 6 एयरपोर्ट्स के डेवलेपमेंट और ऑपरेशन की जिम्मेदारी दिए जाने से संबंधित हैं। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद केसी वेणुगोपाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि अडानी ग्रुप को 6 एयरपोर्ट्स को विकसित करने और उनका संचालन करने की नीलामी में जीत हासिल हुई है। एयरपोर्ट्स के संचालन की जिम्मेदारी किसी एक निजी कंपनी को दिया जाना नियमों का उल्लंघन है।

वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार ने इस मामले में अपने ही मंत्रियों और विभागों की सलाह को नजरअंदाज किया है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाते हुए कहा कि नियमों में बदलाव के चलते ही अडानी ग्रुप को सभी 6 नीलामी में जीत हासिल हुई। कांग्रेस के आरोपों पर सरकार ने सफाई भी दी है। सरकार का पक्ष रखते हुए केन्द्रीय उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि साल 2006 में दिल्ली और मुंबई के दो एयरपोर्ट्स का निजीकरण किया गया।

पुरी ने कहा कि इन दोनों एयरपोर्ट्स से ही हमारे कुल एयर ट्रैफिक और कमाई का 33 फीसदी हिस्सा प्राप्त होता है। जिन 6 एयरपोर्ट्स का साल 2018 में निजीकरण किया गया है उन पर कुल एयर ट्रैफिक का सिर्फ 9 फीसदी का ही संचालन होता है। बता दें कि राज्यसभा में एयरक्राफ्ट संशोधन बिल 2020 पारित हो गया है।

क्या है एयरक्राफ्ट (संशोधन) बिल 2020: बता दें कि एयरक्राफ्ट (संशोधन) बिल, 2020 के तहत तीन विनियामक निकायों, जिनमें डीजीसीए (Directorate General of Civil Aviation) भी शामिल है, उन्हें नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Civil Aviation Ministry) के तहत परिवर्तित करने का प्रावधान है। इसके साथ ही इस बिल में भारतीय सुरक्षा बलों से जुड़े विमानों को एयरक्राफ्ट एक्ट, 1934 से बाहर रखने का भी प्रावधान है। इस बिल में नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना राशि 10 लाख रुपए से बढ़ाकर एक करोड़ रुपए करने का भी प्रावधान किया गया है।

बता दें कि बीते साल अडानी ग्रुप ने नीलामी के दौरान अहमदाबाद, तिरुवअनंतपुरम, लखनऊ, मंगलुरू, गुवाहाटी और जयपुर एयरपोर्ट के विकसित करने और उनके संचालन की जिम्मेदारी हासिल की थी। इसके लिए अडानी ग्रुप की तरफ से सबसे ज्यादा बोली लगायी गई थी। नीलामी में 10 कंपनियों ने बोली लगायीं थी।

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