दक्षिण-पश्चिम मानसून अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान-निकोबार में आगे बढ़ गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर, संपूर्ण निकोबार द्वीप समूह और श्री विजयपुरम सहित अंडमान द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है।
आईएमडी ने यह भी बताया कि अगले तीन-चार दिनों में मानसून के दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं। अंडमान द्वीप समूह और अंडमान सागर के शेष हिस्सों के साथ-साथ पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी इस दौरान मानसून का आगमन हो सकता है।
केरल में 26 मई तक पहुंच सकता है दक्षिण-पश्चिम मानसून
IMD ने कहा, ”क्षेत्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए सभी मानदंड पूरे हो रहे हैं।” मौसम विभाग ने शुक्रवार को कहा था कि केरल में 26 मई की सुबह दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने की संभावना है। केरल में मानसून की शुरुआत आमतौर पर 1 जून को होती है जो दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम (जून से सितंबर) का आरंभ होता है। इससे पहले, आईएमडी ने कहा था कि इस साल मानसून के मौसम में भारत में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। इसका कारण इस मौसम में अल नीनो की स्थिति का उत्पन्न होना हो सकता है, जिससे देश में कम वर्षा होती है।
दिल्ली का मौसम
अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, रविवार दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बीच-बीच में 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। अधिकारी ने कहा, “सोमवार को भी तेज हवाएं चलने का सिलसिला जारी रह सकता है।” आईएमडी के अनुसार, रविवार को अधिकतम तापमान 41 से 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
देश में लू की स्थिति घोषित करने के मानदंडों में संशोधन करेगा IMD
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) अपने तकनीकी सहयोगियों के साथ मिलकर जल्द ही देश में लू की स्थिति घोषित करने के मानदंडों में संशोधन करेगा क्योंकि मौजूदा मापदंड भारत की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल नहीं हैं। विशेष रूप से केरल में मौजूदा मापदंडों की सीमाओं के कारण लू की चेतावनी जारी करने में कठिनाई आ रही है।
आईएमडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “इससे पहले कभी भी दक्षिण के इतने करीब कोई चक्रवाती तंत्र नहीं बना था और इस बार हमें इसी के आधार पर मौसम का पूर्वानुमान लगाना पड़ा।” भारत के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में चक्रवाती तंत्र का बनना आम बात है लेकिन इस साल एक तंत्र दक्षिणी क्षेत्र के पास बना, जिससे रात के समय असामान्य रूप से गर्मी रही। अधिकारी ने बताया कि केरल में पिछले कुछ वर्षों से गर्मियों के महीनों में तापमान में लगातार वृद्धि देखी जा रही है इसलिए लू की घोषणा के मापदंडों में बदलाव से अधिकारियों को अधिक कुशलता से चेतावनी जारी करने में मदद मिलेगी।
देश के 16 राज्यों में मतदाता सूची पुनरीक्षण का तीसरा चरण 1 जुलाई से शुरू
चुनाव आयोग ने देशभर में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तीसरे चरण का ऐलान कर दिया है। आयोग के मुताबिक, इस चरण में 16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
(भाषा के इनपुट के साथ)
