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मोइन कुरैशी: 2014 में मोदी ने बनाया था चुनावी मुद्दा, आज बना सीबीआई में झगड़े की वजह

कुरैशी बड़ी जांच एजेंसियों के राडार पर तब आया जब उसने 2011 में बेटी की शादी खूब धूमधाम से की और उसमें पाकिस्तानी गायक राहत फतह अली खान को भी बुलाया।

moin qureshiमीट कारोबारी मोईन कुरैशी को अगस्त 2017 में गिरफ्तार किया गया। (Express Photo by Amit Mehra)

देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी ‘सीबीआई’ में दो शीर्ष अधिकारियों के बीच जंग के बाद एक बाऱ फिर से मोइन कुरैशी का मामला सतह पर आ गया है। दरअसल, सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच की लड़ाई की मौजूदा वजह भी मोइन कुरैशी है। 15 अक्टूबर को सीबीआई ने विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज कराते हुए अस्थाना पर मोइन कुरैशी से तीन करोड़ रुपए रिश्वत लेने का आरोप लगाया। इसके बाद अस्थाना ने भी सीबीआई में नंबर वन यानी आलोक वर्मा के खिलाफ आरोपों की झड़ी लगा दी। इससे पहले भी अस्थाना ने कैबिनेट सेक्रेटरी के पास 24 अगस्त को शिकायत की थी कि कुरैशी से जुड़े मामले में आलोक वर्मा ने सतीश साना से दो करोड़ की रिश्वत ली है। इसके बाद दोनों अधिकारियों में जंग तेज हो गई।

मोइन कुरैशी का पूरा नाम मोइन अख्तर कुरैशी है। वह कानपुर का मीट कारोबारी है। देहरादून के दून स्कूल और दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद कुरैशी ने साल 1993 में यूपी के रामपुर में मीट कारोबार का छोटा सा धंधा शुरू किया। वहां उसने एक छोटा सा बूचड़खाना लगाया। देखते ही देखते मोइन कुरैशी मीट का बड़ा कारोबारी बन गया और वो देश-विदेश मीट एक्सपोर्ट करने लगा। कुरैशी ऐसी दो दर्जन से ज्यादा कंपनियों का मालिक बन गया जो मीट एक्सपोर्ट करती थीं। कुरैशी की मुख्य कंपनी एएमक्यू एक्सपोर्ट है। मीट एक्सपोर्ट के अलावा मोइन की कंपनियां कंस्ट्रक्शन और फैशन क्षेत्र में भी उतर आईं। उसकी बेटी पर्निया फैशन से जुड़ी कंपनियों का कामकाज देखती थीं। वो फैशन डिजायनर और मॉडल है।

कुरैशी बड़ी जांच एजेंसियों के राडार पर तब आया जब उसने 2011 में बेटी की शादी खूब धूमधाम से की और उसमें पाकिस्तानी गायक राहत फतह अली खान को भी बुलाया। राहत फतह अली के पास 56 लाख विदेशी मुद्रा कैश पाए जाने पर दिल्ली एयरपोर्ट पर तब जांच एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया था। कुरैशी के बेटी की शादी लंदन स्थित बड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट अजीत प्रसाद के बेटे अर्जुन प्रसाद से हुई। अर्जुन पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता जतिन प्रसाद के रिश्तेदार हैं।

साल 2014 में जब देश में लोकसभा का चुनाव जोरों पर था तब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने 15 फरवरी 2014 को दिल्ली, कानपुर, मुंबई समेत कुरैशी के पंद्रह ठिकानों पर रेड मारा। उन चुनावों में कुरैशी के कारनामों की गूंज सुनाई पड़ी और उसके तार 10 जनपथ से भी जुड़े। पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने तब 18 अप्रैल को 2014 को यूपी के अकबरपुर में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कुरैशी के मुद्दे को उठाया था और इसे एक बड़ा घोटाला बताते हुए इसकी जांच की मांग की थी। तब नरेंद्र मोदी ने सीधे-सीधे तौर पर कहा था कि सोनिया गांधी की वजह से ही कुरैशी जांच से बचता रहा है।

प्रवर्तन निदेशालय ने साल 2015 में कुरैशी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की एफआईआर दर्ज की थीं। टैक्स चोरी, मनी-लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के अन्य मामलों में सीबीआई और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट भी कुरैशी के खिलाफ जांच कर रही है। अक्टूबर 2016 में कुरैशी दिल्ली हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन के अफसरों को झांसा देकर दुबई फरार होने की फिराक में था लेकिन ईडी के हत्थे चढ़ गया था। सीबीआई के दो पूर्व निदेशकों एपी सिंह और रंजीत सिन्हा के साथ भी मोइन कुरैशी के बेहतर रिश्ते होने के आरोप लगे हैं। सिंह और कुरैशी के बीच मोबाइल पर मैसेज का आदान-प्रदान जांच एजेंसियों के हाथ लग चुका है। इसके बाद एपी सिंह को यूपीएससी का मेम्बर पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

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