मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार द्वारा नई सड़क परियोजना वाली जगहों के आसपास जमीन खरीद पर द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी पर निशाना साधा है।

मंगलवार को राजधानी दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि जो काम मोहन यादव और उनके परिवार ने किया है, उसे शेयर मार्केट की भाषा में इसको ‘इनसाइडर ट्रेडिंग’ कहते हैं।

पवन खेड़ा ने कहा कि मोहन यादव का परिवार मिलकर जमीनों की खरीद-फरोख्त कर रहा है, लूट-खसोट चल रही है। मुख्यमंत्री बनने के बाद 168 एकड़ में से 111 एकड़ उनके परिवार ने उस क्षेत्र में खरीदी जहां ये महाकुंभ आने वाला है। पवन खेड़ा ने कहा कि मोहन यादव और उनके परिवार ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उनके पास पहले से जानकारी थी, इसलिए वो जमीनें खरीदे जा रहे हैं।

पवन खेड़ा ने कहा कि आदर्श प्रकरण में अशोक चव्हाण की सास के नाम पर फ्लैट होने का आरोप लगा तो इस्तीफा हुआ, लेकिन मोहन यादव से जुड़े मामले में मीडिया पर सन्नाटा है। उन्होंने यह भी कहा कि अरुणाचल प्रदेश से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया, लेकिन मुख्यमंत्री अब भी कुर्सी पर बैठे हैं। वही हाल अब MP में भी है।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि इतने गंभीर मामलों के बाद भी इस्तीफे न होने की वजह गैर-रजिस्टर्ड संगठन RSS है। ये सब उसी से जुड़े हैं और अयोध्या के मामले में भी इन्हीं के लोग शामिल हैं। मोहन यादव मामले पर पवन खेड़ा ने कहा कि वो चाहते हैं कि एक तय समय-सीमा के भीतर और सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज की देखरेख में जांच हो, ताकि सबको सच पता चल सके।

जीतू पटवारी ने पूछे पांच सवाल

मध्य प्रदेश कांग्रेस के सीनियर नेता जीतू पटवारी ने भी इस दौरान मोहन यादव पर हमला बोला। उन्होंने इस दौरान बीजेपी और मोहन यादव से पांच सवाल किए। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि भ्रष्टाचार हुआ। 

बीजेपी और मोहन यादव से कांग्रेस पार्टी के पांच सवाल

1) क्या मोहन यादव के CM बनने के बाद परिवार ने जमीन खरीदी?

2)क्या ये सच है कि जमीन का बड़ा हिस्सा वहां है, जहां विकास परियोजनाएं बाद में आईं?

3)क्या सरकार उन सभी प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन सार्वजनिक करेगी?

4)अगर सब कुछ पारदर्शी है तो क्या BJP स्वतंत्र न्यायिक जांच कराएगी?

5)क्या मुख्यमंत्री अपने परिवार द्वारा 2023 के बाद खरीदी गई जमीन पर श्वेत पत्र जारी करेंगे?

‘उज्जैन में एक ट्रस्ट को 1 रुपये में दी 500 करोड़ रुपये की जमीन’

इस दौरान जीतू पटवारी ने यह आरोप भी लगाया कि एमपी सरकार ने उज्जैन में 500 करोड़ रुपये की जमीन एक ट्रस्ट को 1 रुपये में दे दी। उन्होंंने दावा कि इस ट्रस्ट के ट्रस्टी वही व्यक्ति हैं, जो मोहन यादव के सांस्कृतिक सलाहकार हैं।

मोहन यादव पर लगे आरोपों को बीजेपी ने बताया निराधार

इससे पहलले मध्य प्रदेश बीजेपी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जब भी राज्य में पिछड़ा वर्ग का कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री बना, कांग्रेस ने उसे कमजोर करने का प्रयास किया।

एमपी बीजेपी के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री यादव ने 2023 में जो नामांकन पत्र दाखिल किए थे, उनके हिसाब से उनके पास 17 एकड़ की जमीन थी और आज भी इसमें कुछ परिवर्तन नहीं हुआ है। इस संबंध में सत्तारूढ़ भाजपा के किसी नेता ने पहली प्रतिक्रिया दी है।

हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री यादव के पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी जो इस साल जून में घटकर मात्र 65 एकड़ रह गई। उन्होंने दावा किया कि यह सारी जमीन मास्टर प्लान लागू होने के पहले की थी।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस राज्य के एक ओबीसी मुख्यमंत्री को निशाना बना रही है। इस प्रदेश को जब भी कोई ओबीसी समाज का मुख्यमंत्री मिला, चाहे वह उमा भारती हों या शिवराज सिंह चौहान या फिर मोहन यादव… उनके खिलाफ षडयंत्र करके कांग्रेस उनको कमजोर करने का प्रयास करती रही है।” 

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ओपी राजभर ने एक्स पर एक लंबी-चौड़ी पोस्ट लिखी है। इसमें राजभर ने लिखा, “अखिलेश यादव जी, माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव के संबंध में इतना हल्ला क्यों कर रहे हो? इतना शोर करके छुपाना क्या चाहते हो आप? ऐसा क्यों चाहते हैं कि दुनिया वही देखे जो आप दिखाएं?..” पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें