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‘कहीं कश्ती वहां डूबी जहां पानी कम हो’ वाली स्थिति न हो…बोले मोदी- वायरस को कमजोर न समझें

दरअसल भारत में Coronavirus के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ आगे के रोडमैप पर मैराथन मीटिंग ली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोविड-19 पर मैराथन मीटिंग ली। (photo-Ani)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि कोरोना संक्रमण को लेकर हमारे पास पर्याप्त आंकड़ा है। हमें पूरी तैयारी करनी होगी। कहा कि लोगों में पहले खौफ था, फिर लोगों में एक-दूसरे के प्रति संदेह हुआ। अब लोग बीमारी के प्रति गंभीर हैं और ऐहतियात बरत रहे हैं, लेकिन फिर भी काफी लोग महसूस कर रहे हैं कि वायरस कमजोर हो गया है। पीएम मोदी ने याद दिलाया, “आपदा के गहरे समंदर से निकले हैं हम और किनारे की तरफ बढ़ रहे हैं। कहीं ऐसा न हो जाए कि हमारी कश्ती वहां डूबे जहां पानी कम था। ये स्थति हमें नहीं आने देना है।” उन्होंने कहा कि जिन देशों में कोरोना कम हो रहा था, वहां तेजी से बढ़ रहा है और देश में भी कुछ राज्यों में यह स्थिति चिंताजनक है।

दरअसल भारत में Coronavirus के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ आगे के रोडमैप पर मैराथन मीटिंग ली। बैठक में उन सूबों के सीएम शामिल थे, जहां पर हाल-फिलहाल में कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी आई है। पीएम ने इस दौरान वैक्सीन के आने के समय, डोज और कीमत आदि से लेकर अन्य चीजों पर अपनी बात रखी। साथ ही सभी मुख्यमंत्रियों से कोविड-19 रणनीति संबंधी प्रतिक्रियाएं लिखित में साझा करने का आह्वान किया। उन्होंने इसी संदर्भ में साफ किया कि कोई भी अपना विचार थोप नहीं सकता और सभी को मिलकर काम करना होगा।

मोदी के साथ इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के अलावा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बधेल और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने हिस्सा लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हम सभी को और शासन व प्रशासन को पहले से अधिक सतर्क और जागरूक होने की जरूरत है। संक्रमण को कम करने के लिए अपने प्रयासों को हमें और गति देनी होगी। पॉजिटीविटी दर को पांच फीसदी के दायरे में लाना ही होगा। आरटी-पीसीआर टेस्ट का अनुपात बढ़ना चाहिए। जो घरों में मरीज हैं उनकी मॉनिटरिंग बेहतरीन तरीके से करनी होगी। मृत्यु दर को 1 प्रतिशत से नीचे लाएं।”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी कोरोना वैक्सीन को लेकर लगातार ट्वीट कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से रणनीति को लेकर कई सवाल किए और पूछा, “सभी कोरोना वैक्सीन में से भारत सरकार कौन से वैक्सीन की चुनाव करेगी और क्यों?, किसे कोरोना वैक्सीन पहले दी जाएगी और वैक्सीन वितरण को लेकर क्या रणनीति है? पूछा कि क्या कोरोना वैक्सीन मुफ्त दिलाने के लिए पीएम केयर फंड का इस्तेमाल किया जाएगा? भारतीयों को कोरोना वैक्सीन कब तक लगाई जाएगी?”

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