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अब डिजास्‍टर लेवी लगाने की तैयारी में मोदी सरकार! केंद्र ने बनाई मंत्रियों की समिति

जीएसटी काउंसिल की 30 बैठकों के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा प्राकृतिक आपदाओं के लिए धन जुटाने के लिए एक अच्छा विचार-विमर्श तंत्र खोजना महत्वपूर्ण था क्योंकि इसमें दीर्घकालिक प्रभाव होंगे।

शुक्रवार (28 सितंबर) को जीएसटी काउंसिल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बात करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली। (फोटो- पीटीआई)

केंद्र सरकार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में ‘डिजास्टर लेवी’ (आपदा से निटपने के लिए वसूल किया जाने वाला कर) लगा सकती है। इसके लिए शुक्रवार (28 सितंबर) को सात सदस्यीय मंत्री पैनल गठित किया जो हाल की केरल बाढ़ की तरह प्राकृतिक आपदाएं झेलने वाले राज्यों के लिए डिजास्टर लेवी लगाने की वैधता का अध्ययन करेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जीएसटी काउंसिल की 30 बैठकों के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा प्राकृतिक आपदाओं के लिए धन जुटाने के लिए एक अच्छा विचार-विमर्श तंत्र खोजना महत्वपूर्ण था क्योंकि इसमें दीर्घकालिक प्रभाव होंगे। बाढ़ के बाद केरल ने एसजीएसटी में 10 फीसदी सेस लगाने का सुझाव दिया था। जेटली ने कहा कि केरल के प्रस्ताव को परिपक्वता के उच्च स्तर पर तय करने की जरूरत है क्योंकि यह भविष्य की घटनाओं के लिए एक प्राथमिकता निर्धारित करेगा। जेटली ने तर्क दिया कि किसी राज्य के द्वारा लेवी लागू किए जाने पर वहां से व्यापार के दूसरे राज्य में चले जाने का जोखिम है। जेटली ने कहा कि यह ऐसा नहीं है कि क्षणिक उत्साह में जिसके लिए फैसला लिया जा सकता है।

जेटली ने यह भी कहा कि केरल के वित्त मंत्री थॉमस इसाक भी अभी यह पता लगा रहे हैं और सरकार को इस तंत्र को अंतिम रूप देने से पहले विकल्पों का पता लगाना होगा। वित्त मंत्रालय के एक बयान में कहा गया कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी पैनल के संयोजक होंगे। यह पैनल 31 अक्टूबर तक सलाह देगा। पैनल में इसाक, असम के वित्त मंत्री हिमांता बिस्वा शर्मा, महाराष्ट्र के वित्त मंत्री सुधीर मुंगांतिवार, ओडिशा के वित्त मंत्री शशि भूषण बेहरा, पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल और उत्तराखंड वित्त मंत्री प्रकाश पंत शामिल हैं। मंत्रियों का समूह कई मुद्दों पर नजर रखेगा, जिसमें पूरे भारत में लेवी या राज्य-विशिष्ट कर की संभावना शामिल है।

यह देखा जाएगा कि सभी वस्तुओं पर लेवी लगाया जाएगा या वैद्यानिक चेतावनी वाली और लक्जरी चीजों पर यब लगाया जाएगा। पैनल आपदा के स्तर पर भी फैसला करेगा, जिसके लिए राष्ट्रीय आपदा राहत निधि (एनडीआरएफ) के तहत प्रदान की गई चीजों के अतिरिक्त धन की आवश्यकता होगी। समिति उत्तर-पूर्वी राज्यों, तटीय राज्यों और पहाड़ी राज्यों से उदाहरण रखेगी जहां प्राकृतिक आपदाएं बड़ी आम हैं। जीएसटी को सुविधाजनक बनाने के लिए लाए गए संविधान संशोधन में एक प्रावधान है कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में जीएसटी परिषद की अनुमति के साथ एक विशेष दर लगाई जा सकती है।

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