CBI Director Tenure Extension: केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI के निदेशक प्रवीण सूद के कार्यकाल को एक बार फिर विस्तार देने का फैसला किया गया है। उनका पहला कार्यकाल 2025 में खत्म हो रहा था। उस दौरान केंद्र ने उनके कार्यकाल को एक साल का विस्तार दिया था और कुछ ऐसा ही एक बार फिर किया गया है।

बता दें कि एक दिन मंगलवार को अगले सीबीआई निदेशक की नियुक्ति के लिए पीएमओ में बैठक हुई थी। जिसमें मुख्य न्यायाधीश और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शामिल हुए थे लेकिन उस बैठक में किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई थी।

पिछले साल किया गया था कार्यकाल का पहला विस्तार

सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद ने 25 मई 2023 को दो वर्ष की अवधि के लिए सीबीआई निदेशक का पदभार संभाला था। साल 2025 में उनका कार्यकाल खत्म हो रहा था। उस दौरान केंद्र ने उनके कार्यकाल के 2026 तक के लिए बढ़ाया गया था लेकिन अब केंद्र ने एक बार फिर उनका कार्यकाल बढ़ा दिया गया है।

मंगलवार को हुई थी मीटिंग

सरकार की ओर से जारी बयान में मुताबिक, उनके कार्यकाल को बढ़ाने का निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई चयन समिति की बैठक में लिया गया। इस समिति में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल थे। चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर नियुक्तियों की मंत्रिमंडलीय समिति (एसीसी) ने एक वर्ष की अवधि के लिए सूद के कार्यकाल के विस्तार को मंजूरी दी।

राहुल गांधी ने उठाए थे निष्पक्षता पर सवाल

गौरतलब है कि लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सासंद राहुल गांधी ने सीबीआई निदेशक चयन प्रक्रिया को लेकर कड़ा विरोध जताया था। उन्होंने इस प्रक्रिया को पक्षपातपूर्ण बताते हुए असहमति नोट दर्ज कराया। राहुल गांधी ने कहा कि वह ऐसी चयन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनना चाहते, जिसमें निष्पक्षता पर सवाल उठते हों।

गौरतलब है कि सीबीआई के निदेशक के तौर पर कार्यरत आईपीएस प्रवीन सूद 1986 बैच के कर्नाटक कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं। सीबीआई डायरेक्टर बनने से पहले वे कर्नाटक के डीजीपी के पद पर कार्यरत भी थे।

कर्नाटक में हिजाब बैन हटाया, स्कूल-कॉलेजों के लिए नया आदेश जारी

कर्नाटक सरकार ने बुधवार को अपने उस आदेश को वापस ले लिया जिसमें शिक्षण संस्थानों में हिजाब सहित धार्मिक पोशाक पर प्रतिबंध लगाया गया था। स्कूल शिक्षा और साक्षरता मंत्री मधु बंगारप्पा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि एक नए आदेश के तहत छात्रों को यूनिफॉर्म के साथ-साथ सीमित प्रतीकों को पहनने की अनुमति दी जाएगी। पढ़िए पूरी खबर…