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मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों का कद घटाने जा रही सरकार, वेतन भत्ते और कार्यकाल में भी कटौती का प्रस्ताव, पढ़ें- ड्राफ्ट रूल्स

केंद्र सरकार ने इस साल जुलाई में आरटीआई एक्ट में संशोधन किया था। इसमें सीआईसी और सूचना आयुक्तों के कार्यकाल को तय किया गया था। इसके अलावा सेवा की शर्तों में भी बदलाव किया गया था।

modi govt, RTI, RTI act, DoPT, CIC, information commissioners, tenure and perks, RTI amendment, CEC, election commissioners, LTC, Right to Information Act, 2005, PM Narendra modi, india news, Hindi news, news in Hindi, latest news, today news in Hindiसीआईसी और सूचना आयुक्तों को भारत सरकार के सचिव की रैंक दी जाएगी। (इलस्ट्रेशनः इंडियन एक्सप्रेस)

मोदी सरकार मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों का कद घटाने जा रही है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने इस संबंध में एक नया प्रस्ताव पेश किया है। सरकार की तरफ से आरटीआई एक्ट में पहले ही संशोधन किया जा चुका है। संशोधित एक्ट के प्रस्तावित मसौदे में मुख्य सुचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों के वेतन भत्ते और कार्यकाल में कटौती का प्रस्ताव था।

आरटीआई एक्ट के अनुसार अब मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों का कार्यकाल अब पांच साल का नहीं होगा। इन लोगों का वेतन अभी मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों के समान है। इसके अनुसार सीआईसी के सेवा शर्तें जिनमें उनका वेतन और सुविधाएं कैबिनेट सचिव के समान होंगी। यह मुख्य निर्वाचन आयुक्त के वेतन और सुविधाओं से कम है। इसी तरह सूचना आयुक्तों के वेतन और सुविधाएं भारत सरकार के सचिव के समान होंगी। इसका सीधा मतलब है कि सरकार ने इन लोगों का कद यानी टेबल ऑफ प्रिसिडेंस घटा दिया गया है।

टेबल ऑफ प्रिसिडेंस एक प्रोटोकॉल सूची है जिसे गृह मंत्रालय सरकारी अधिकारियों के क्रम और रैंक के आधार पर तैयार करता है। पहले ये लोग मुख्य निर्वाचन आयुक्त, सीएजी और संघ लोकसेवा आयोग के चेयरमैन के समकक्ष थे। मालूम हो कि सरकार ने इस साल जुलाई में आरटीआई एक्ट में संशोधन किया था। इसमें सीआईसी और सूचना आयुक्तों के कार्यकाल को तय किया गया था। इसके अलावा सेवा की शर्तों में भी बदलाव किया गया था।

सूत्रों का कहना है कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय की तरफ से तैयार मसौदा नियम के अनुसार सीआईसी और सूचना आयुक्तों का कार्यकाल 5 की बजाय अब 3 साल का होगा। एक बार इन नियमों को अंतिम रूप देने के बाद इसके प्रधानमंत्री की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। सूत्रों के अनुसार सीआईसी और सूचना आयुक्तों को भारत सरकार के सचिव की रैंक दी जाएगी।

मौजूदा समय मं सीआईसी और सूचना आयुक्तों को वेतन के अलावा 34000 रुपये व्ययविषक भत्ता, सरकारी खर्च पर रहने के लिए सुसज्जित मकान, प्रतिवर्ष तीन एलटीसी, परिवार के लिए अनलिमिटेड मेडिकल भत्ता, रिटायरमेंट के बाद अतिरिक्त पेंशन, 1500 रुपये टेलीफोन व अन्य सुविधाएं मिलती हैं।

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