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केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद का दावा- 59 चीनी ऐप बंद किए तो 200 देशी ऐप बने

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को कहा कि डाटा एक राष्ट्रीय संपत्ति हैं और इसका इस्तेमाल समृद्धि हासिल करने के लिये किया जाना चाहिए खासकर स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में।

Author Edited By Anil Kumar नई दिल्ली | Updated: July 19, 2020 9:54 AM
modi govt, chinese apps, Ravi shankar Prasad,रविशंकर प्रसाद दिवंगत ठाकुर प्रसाद शताब्दी स्मृति व्याख्यान में अपनी बात कह रहे थे। (फाइल फोटो)

केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भारत की ऐप इकोनॉमी तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हम चीन को पीछे छोड़ कर दुनिया के नंबर वन मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बनेंगे। उन्होंने कहा कि हाल ही में सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और डाटा प्रिवेसी के कारण 59 चाइनीज ऐप्स पर प्रतिबंध लगा। इसके बाद 200 नए ऐप्स आ गए।

केंद्रीय मंत्री ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को कहा कि इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्षेत्र की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा: “2014 में, भारत में दो इकाइयाँ थीं और अब 260 हैं। भारत नंबर 5 से दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल विनिर्माण बन गया है। मेरी महत्वाकांक्षा इसे नंबर 1 बनाने की है, जो चीन को पीछे छोड़ दे। उन्होंने डाटा एक राष्ट्रीय संपत्ति हैं और इसका इस्तेमाल समृद्धि हासिल करने के लिये किया जाना चाहिए खासकर स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में।

उन्होंने यह भी कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए सरकार डाटा सुरक्षा कानून लेकर आई है जिसपर संसद की प्रवर समिति विचार कर रही है। केंद्रीय मंत्री यहां “डाटा निजता, डाटा सुरक्षा और डाटा संप्रभुता” विषय पर दिवंगत ठाकुर प्रसाद शताब्दी स्मृति व्याख्यान में अपनी बात कह रहे थे।

यह कार्यक्रम आत्मबोध नाम के संगठन ने आयोजित किया था। ठाकुर प्रसाद जनसंघ के नेता थे और 1977 में बिहार सरकार में मंत्री रहे। वह केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के पिता भी थे। प्रसाद ने कहा कि डाटा हर हाल में सुरक्षित रहना चाहिए और सरकार ने पिछले साल दिसंबर के पहले हफ्ते में निजी डाटा सुरक्षा विधेयक को मंजूर किया था जिसके तहत निजी और सरकारी कंपनियों समेत व्यक्तिगत डाटा को संभालने के लिये कार्यढांचा तैयार किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “डाटा एक राष्ट्रीय संपदा है। डाटा की इस महान संपदा का समुचित तरीके से इस्तेमाल होना चाहिए जिससे स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में इससे लाभ मिले। इसलिये न सिर्फ डाटा का स्वामित्व ही महत्वपूर्ण है बल्कि इसकी संप्रभुता भी महत्व रखती है।” प्रसाद ने बताया कि कोरोनवायरस-प्रेरित लॉकडाउन के दौरान देश भर में उच्च न्यायालयों ने 1.75 लाख मामलों की वर्चुअल सुनवाई की।  जिला अदालतों ने 7 लाख से अधिक मामलों में सुनवाई की, और लगभग 7,000 मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की।

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