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मोदी सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार आज, 20 नए मंत्रियों के शामिल होने की संभावना

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि करीब 20 नेताओं को मंत्री बनाया जाएगा। इनमें भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोहर पर्रिकर, मुख्तार अब्बास नकवी, राजीव प्रताप रूड़ी और बंडारू दत्तात्रेय को भी मंत्री पद दिया जा सकता है। तेलुगु […]

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि करीब 20 नेताओं को मंत्री बनाया जाएगा। इनमें भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोहर पर्रिकर, मुख्तार अब्बास नकवी, राजीव प्रताप रूड़ी और बंडारू दत्तात्रेय को भी मंत्री पद दिया जा सकता है। तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के एक प्रतिनिधि को शामिल किया जाना जहां तय माना जा रहा है, वहीं शिवसेना के मंत्रियों को शामिल किए जाने के मुद्दे पर आखिरी समय में कुछ समस्याएं सामने आ गई हैं। ऐसा लगता है कि महाराष्ट्र में कुछ अनसुलझे मुद्दों के मद्देनजर यह समस्या सामने आई है।

गोवा के मुख्यमंत्री पद से शनिवार को ही इस्तीफा देने वाले मनोहर पर्रिकर और भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की संभावना है। इसके अलावा कुछ राज्य मंत्रियों को तरक्की मिलने और कुछ मंत्रियों के प्रभार में फेरबदल किए जाने की संभावना है।

तेदेपा की तरफ से राज्यसभा सदस्य और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के करीबी तिरपन साल के वाइएस चौधरी के राज्यमंत्री बनने की संभावना है। और शिवसेना की तरफ से अनिल देसाई को मंत्रिपरिषद में शामिल किए जाने की संभावना है।
नए मंत्रियों को रविवार दोपहर एक बजे राष्ट्रपति भवन में शपथ दिलाई जाएगी। शपथ ग्रहण समारोह से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन नेताओं को नाश्ते पर बुलाएंगे जिन्हें मंत्री बनाया जाना है। बीते मई महीने में सत्ता संभालने के बाद यह मोदी सरकार के मंत्रिपरिषद में पहला विस्तार और फेरदबल होगा। मौजूदा मंत्रिपरिषद में कुल 45 मंत्री हैं जिनमें प्रधानमंत्री सहित 23 कैबिनेट मंत्री हैं जबकि 22 राज्यमंत्री हैं। 22 राज्यमंत्रियों में से 10 के पास स्वतंत्र प्रभार है।

अटकलें हैं कि 59 साल के मनोहर पर्रिकर को देश का नया रक्षा मंत्री बनाया जा सकता है। केंद्र में जिम्मेदारी संभालने के लिए पर्रिकर ने शनिवार को गोवा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। अभी रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली संभाल रहे हैं। मुंबई के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) से पढ़ाई कर चुके पर्रिकर गोवा से अब तक के पहले कैबिनेट मंत्री होंगे और प्रधानमंत्री मोदी से उनके रिश्ते काफी अच्छे बताए जाते हैं।

भाजपा के प्रमुख मुसलिम चेहरे मुख्तार अब्बास नकवी (57) करीब 15 साल बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में वापसी करेंगे। वे अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में सूचना व प्रसारण राज्यमंत्री थे। उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य नकवी अभी भाजपा के उपाध्यक्ष हैं। पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री रूड़ी भी 10 साल के अंतराल के बाद सरकार में वापसी कर सकते हैं। इसी तरह, सिकंदराबाद से चार बार के सांसद दत्तात्रेय को भी मंत्री बनाया जा सकता है। वाजपेयी सरकार में मंत्री रह चुके दत्तात्रेय तेलंगाना के रहने वाले हैं ।

दलित नेता व पंजाब की होशियारपुर लोकसभा सीट से पहली बार सांसद चुने गए विजय सांपला और पिछले आम चुनाव में भाजपा के टिकट पर सांसद बने राजद के पूर्व नेता रामकृपाल यादव को भी मंत्री पद मिलने की संभावना है।

जिन अन्य नेताओं को मंत्री बनाए जाने की चर्चा है, उनमें भाजपा महासचिव जगत प्रकाश नड्डा, उत्तराखंड से पार्टी के नेता अजय टमटा, झारखंड से पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा, हरियाणा के जाट नेता बीरेंद्र सिंह, बिहार के भूमिहार नेता गिरिराज सिंह, राजस्थान से सोनाराम चौधरी और गजेंद्र सिंह शेखावत, महाराष्ट्र से हंसराज अहीर और छत्तीसगढ़ से रमेश बैस के नाम शामिल हैं। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल से भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो को भी मंत्री बनाया जा सकता है।

ऐसी अटकलें हैं कि कुछ मंत्रियों को अपना पद गंवाना भी पड़ सकता है जबकि कुछ मंत्रियों को कैबिनेट रैंक में तरक्की दी जा सकती है। जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री के दूत और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु के बारे में चर्चा है कि उन्हें योजना आयोग की जगह बनाई जा रही एक नई संस्था का प्रमुख नियुक्त किया जा सकता है। ऐसे में उन्हें स्वत: ही कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिल जाएगा।

मोदी कैबिनेट में छह से ज्यादा मंत्रियों के पास अभी एक से ज्यादा विभागों का प्रभार है। सड़क परिवहन व जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी के पास ग्रामीण विकास मंत्रालय का भी अतिरिक्त प्रभार है जबकि कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के पास संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का भी प्रभार है। पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के पास सूचना व प्रसारण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार है जबकि ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल कोयला व खनन मंत्रालयों की भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू के पास शहरी विकास जबकि वित्त मंत्रालय में राज्यमंत्री निर्मला सीतारमण के पास वाणिज्य मंत्रालय का भी अतिरिक्त प्रभार है।

 

 

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